
चंदौली। चकिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश कर बड़ी सफलता हासिल की है। महज 12 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 7 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से 15.80 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। अंतरराज्यीय ठग पहले सोने के दाने देकर लोगों को भरोसे में लेते थे। उसके बाद नकली माल पकड़ाकर रुपये लेकर फरार हो जाते थे। खुद को ओडिशा की सोने की खदानों में काम करने वाला कारीगर बताकर लोगों को झांसा देते थे।
एएसपी अनंत चंद्रशेखर ने बताया कि 23 अप्रैल को ग्राम सभा बरहुवां स्थित शशि ज्वैलर्स के संचालक शशि प्रकाश वर्मा को एक संगठित गिरोह ने ठगी का शिकार बनाया। आरोपियों ने पहले असली सोने के छोटे दाने बेचकर उनका विश्वास जीता। इसके बाद 100 ग्राम से अधिक सोना देने का झांसा देकर उनसे करीब 16 लाख रुपये ले लिए। लेकिन जब पीड़ित ने सौदा लेने के बाद पोटली खोली, तो उसमें सोने की जगह नकली चमकदार धातु के टुकड़े निकले। घटना के बाद आरोपी अपने परिवार के साथ मौके से फरार हो गए।

पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। चकिया थाना प्रभारी अर्जुन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर 26 अप्रैल की सुबह ग्राम बेलावर के पास पहाड़ी क्षेत्र से सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे एक घुमंतू गिरोह का हिस्सा हैं, जो खुद को ओडिशा की सोने की खदानों में काम कर चुका बताकर लोगों को झांसे में लेते थे। गिरोह पहले छोटे स्तर पर असली सोना देकर भरोसा जीतता था, फिर बड़ी रकम लेकर नकली सामान थमा कर फरार हो जाता था। वारदात के बाद ये लोग लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों में गोविंद प्रधान, विष्णु प्रधान, दुखबन्धु पटरा, संतोषी प्रधान, कंचन प्रधान, एक अन्य संतोषी प्रधान और बोधई प्रधान शामिल हैं, जो सभी ओडिशा राज्य के विभिन्न जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।

