ख़बरेंचंदौली

Chandauli News: फेक न्यूज के दौर में तथ्यपरक पत्रकारिता की जरूरत, चंदौली में पीआईबी की ‘वार्तालाप’ कार्यशाला में पत्रकारों को दिए टिप्स

चंदौली। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), वाराणसी की ओर से गुरुवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में चंदौली के पत्रकारों के लिए ‘वार्तालाप’ मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में 60 से अधिक पत्रकारों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मीडिया और सरकार के बीच संवाद को मजबूत करने के साथ पत्रकारों को फेक न्यूज की पहचान, फैक्ट-चेकिंग और डिजिटल टूल्स के प्रभावी इस्तेमाल के प्रति जागरूक करना रहा।

 

कार्यशाला के मुख्य अतिथि मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत ने विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि देश विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। आर्थिक विकास, निर्यात, सुरक्षा और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने पत्रकारों से सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की तथ्यपरक जानकारी आमजन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

 

उन्होंने कहा कि ‘वार्तालाप’ जैसे कार्यक्रम सरकार और मीडिया के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पत्रकार अपनी लेखनी के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारितोष मिश्रा ने तंबाकू और धूम्रपान के दुष्प्रभावों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तंबाकू का सेवन व्यक्ति के साथ पूरे परिवार और समाज के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। उन्होंने नशामुक्ति और जनजागरूकता अभियान में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

 

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. बाला लखेंद्र ने फैक्ट-चेकिंग के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में सूचनाएं तेजी से प्रसारित होती हैं, लेकिन इसी के साथ भ्रामक और गलत सूचनाओं का खतरा भी बढ़ा है। ऐसे में किसी भी खबर को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसके स्रोत और तथ्यों की पुष्टि करना पत्रकारों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने पत्रकारों से पीआईबी फैक्ट-चेक से जुड़कर विश्वसनीय पत्रकारिता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

 

एसआरवीसी स्कूल की प्राचार्या नीलांजना चक्रवर्ती ने शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों और डिजिटल युग में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की भूमिका पर विचार रखे। कार्यशाला के संयोजक एवं पीआईबी के निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल ने कहा कि ‘वार्तालाप’ मीडिया और सरकार के बीच संवाद का सशक्त मंच है। इसका उद्देश्य पत्रकारों को सरकारी योजनाओं की तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध कराने के साथ फेक न्यूज से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों और तकनीकों से परिचित कराना है।

 

कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के साथ विभिन्न विषयों पर संवाद हुआ। उन्हें फैक्ट-चेकिंग, डिजिटल मीडिया टूल्स और विश्वसनीय सूचना स्रोतों के इस्तेमाल की व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्यशाला ने बदलते डिजिटल दौर में जिम्मेदार और तथ्यपरक पत्रकारिता की आवश्यकता को रेखांकित किया।

Back to top button
error: Content is protected !!