
चंदौली। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के तहत जनसंख्या गणना (पीई) को त्रुटिरहित और निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के लिए सोमवार को जिले की सभी तहसीलों में प्रगणकों और सुपरवाइजरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कर्मचारियों को जनगणना से संबंधित तकनीकी जानकारी, आंकड़ों के संकलन और कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है।
प्रशिक्षण के प्रथम बैच की व्यवस्थाओं का जायजा लेने जिलाधिकारी स्वयं सैयदराजा स्थित नेशनल इंटर कॉलेज पहुंचे। उन्होंने प्रशिक्षण सत्र का निरीक्षण किया और उपस्थित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि जनगणना देश का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। इससे प्राप्त आंकड़े विभिन्न सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्धारण में उपयोगी होते हैं। ऐसे में सभी प्रगणक और सुपरवाइजर प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी कर्मचारियों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए आंकड़ों का सही संकलन सुनिश्चित करना होगा, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न हो सके।
चकिया प्रशिक्षण केंद्र का भी निरीक्षण
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रतन वर्मा ने चकिया स्थित प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके अलावा अन्य तहसीलों में भी उपजिलाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में प्रशिक्षण सत्र संचालित किए गए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रथम बैच 27 और 28 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं, डेटा संकलन की सही विधि और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के संबंध में जानकारी दी जा रही है।
सटीक आंकड़े जुटाने पर जोर
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि प्रशिक्षण में दी जा रही जानकारी को अच्छी तरह समझें और मैदानी स्तर पर उसका पालन करें। जनगणना के दौरान प्रत्येक निर्धारित प्रक्रिया को सावधानीपूर्वक पूरा करने तथा आंकड़ों की शुद्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। प्रशासन का लक्ष्य जनगणना कार्य को निर्धारित समयसीमा में शत-प्रतिशत सटीकता के साथ संपन्न कराना है।

