
चंदौली में मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारी तेज, 17 और 24 अक्टूबर को 1691 बूथों पर लगेंगे विशेष कैंप; छूटे मतदाताओं के भरवाए जाएंगे फॉर्म-6
चंदौली। जिले में बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित मतदान केंद्रों की स्थिति का दोबारा भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। इसके तहत जीर्ण-शीर्ण और क्षतिग्रस्त मतदेय स्थलों का निरीक्षण कर उनकी मौजूदा स्थिति का आकलन किया जाएगा, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदान व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके। सत्यापन के आधार पर 19 अक्टूबर तक नया आलेख तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी न्यायिक रतन वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक में राजनीतिक दलों और प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची के अद्यतन और विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी कार्ययोजना से अवगत कराया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश से प्राप्त निर्देशों के क्रम में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के मतदान स्थलों की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। प्रशासन ने राजनीतिक दलों से भी इस संबंध में सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। यदि किसी मतदान स्थल को लेकर कोई समस्या या आपत्ति है, तो संबंधित दल 18 अक्टूबर तक अपने दलीय लेटर पैड पर सुझाव उपलब्ध करा सकते हैं।
1691 बूथों पर दो दिन चलेगा विशेष अभियान
मतदाता सूची में नाम जोड़ने और छूटे हुए पात्र लोगों को मतदान का अधिकार दिलाने के उद्देश्य से जिले के 1691 मतदेय स्थलों पर 17 और 24 अक्टूबर को विशेष कैंप लगाए जाएंगे। दोनों दिन सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) अपने-अपने बूथों पर मौजूद रहेंगे।

कैंप में पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं, मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित लोगों, नवविवाहित महिलाओं और वंचित वर्ग के पात्र नागरिकों के फॉर्म-6 भरवाए जाएंगे। इसके अलावा रैन बसेरों, लेबर कॉलोनियों और बेघर लोगों के साथ समाज के हाशिए पर रहने वाले पात्र व्यक्तियों को भी मतदाता सूची से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
चार जनवरी 2027 को होगा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
भारत निर्वाचन आयोग ने एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी किया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रस्तावित मतदेय स्थलों का अनुमोदन दो नवंबर 2026 तक किया जाएगा। निर्वाचक नामावली का आलेख प्रकाशन 12 नवंबर को होगा। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी।
इस अवधि में नाम जोड़ने, हटाने और विवरण में संशोधन के लिए निर्धारित फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से आवेदन किया जा सकेगा। प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद चार जनवरी 2027 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन प्रस्तावित है।
फॉर्म-6 के साथ शपथ पत्र की जरूरत नहीं
बैठक में मतदाता पंजीकरण से संबंधित नियमों में बदलाव की जानकारी भी दी गई। इसके अनुसार, नए मतदाता के रूप में नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 के साथ शपथ पत्र देने की आवश्यकता नहीं होगी। आवेदक को निर्धारित प्रक्रिया के तहत दो फोटोयुक्त दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।
प्रशासन ने पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे विशेष कैंपों का लाभ उठाकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं। बैठक का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और समावेशी बनाना तथा आगामी चुनाव से पहले मतदान केंद्रों की स्थिति और मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना रहा।

