
चंदौली। लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने सख्त रुख अपनाया है। 13 अगस्त को सकलडीहा सर्किल में लंबित विवेचनाओं की समीक्षा के दौरान लापरवाही मिलने पर एक विवेचक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, जबकि तीन अन्य विवेचकों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने सकलडीहा सर्किल के अर्दली रूम में लंबित मामलों की बिंदुवार समीक्षा की। इस दौरान 60 और 90 दिनों के भीतर निस्तारित की जाने वाली विवेचनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। थाना धानापुर में दर्ज मुकदमे में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने और लंबे समय से विवेचनात्मक कार्रवाई लंबित रहने पर उप निरीक्षक ना.पु. सकलैन अहमद के खिलाफ कार्रवाई की गई।
थाना धानापुर में मु0अ0सं0 04/2025, धारा 125बी, 281 और 324(2) बीएनएस के तहत दर्ज मामले की विवेचना में करीब एक वर्ष छह माह बीत जाने के बावजूद कार्रवाई पूरी नहीं की गई थी। समीक्षा में विवेचना की प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर एसपी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उप निरीक्षक सकलैन अहमद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
इसके अलावा थाना धीना और थाना बलुआ में दर्ज मामलों की विवेचनाओं में भी 60 और 90 दिनों से अधिक समय बीतने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं मिली। कुछ मामलों में घटना का अनावरण नहीं होने तथा विवेचनात्मक कार्यवाही में शिथिलता पाए जाने पर संबंधित तीन विवेचकों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए।
एसपी आकाश पटेल ने सभी विवेचकों को निर्देश दिया कि 60/90 दिनों में निस्तारित होने वाले मामलों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। साक्ष्यों के संकलन व परीक्षण के साथ विधिक प्रक्रिया का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि पीड़ितों को समय से न्याय मिल सके।

