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Chandauli News: भीषण गर्मी से सूखा फलों का रस, उत्पादन भी लुढ़का

-पारा 45 डिग्री के पार, कुम्हलाने लगीं हरी सब्जियां -बारिश के बाद ही फलों के राजा आम का मिलेगा स्वाद

चंदौली : ज्येष्ठ मास की तपती गर्मी ने जहां आमजन जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है, वहीं सूरज के ताप का असर फलों व सब्जियों पर भी दिखने लगा है। अत्यधिक गर्मी के चलते वृक्षों में लगे फल जहां पीले पड़कर रस से वंचित हो रहे हैं, वहीं खेतों में खड़ी हरी सब्जियां भी कुम्हलाने लगी हैं। पारा 45 डिग्री के पार जाने के कारण किसानों के माथे पर बल पड़ गया है।

बाजार में फलों व सब्जियों की आमद भी कम हो रही है। गर्मी के कारण फलों के शौकीन फलों से दूरी तो बना ही रहे हैं। महंगी सब्जियों के कारण किचन की रौनक काफूर हो गई है। गर्मी ने किसानों व फल, सब्जी विक्रेताओं को इस कदर परेशान कर दिया है कि उन्हें कोई उपाय नहीं सूझ रहा है। पिछले एक सप्ताह से सूरज व पवन की लुका छिपी का खेल जारी है। दाेनों में शुरू हुई जंग इस कदर आगे बढ़ गई है कि कोई भी हार मानने को तैयार नहीं है।सूरज की आग उगलती गर्मी के बीच पवन के गर्म झकोंरों ने पथिक का हाल बेहाल करते हुए मौसमी फलों व सब्जियों को भी अपने आगोश में ले लिया है। स्थिति यह है कि आम व जामुन सहित अन्य फलों के लगे बगीचों में हर तरफ रौनक की जगह मुरझाया पन ही नजर आ रहा है। कुछ ऐसा ही हाल सब्जियों के खेतों में भी है। खेतों में खड़ी हरी भरी सब्जियां भिण्डी, नेनुआ, लौकी, बोड़ा, करैला, टमाटर, परवल आदि की सब्जियां पीली पड़ने के साथ मुरझाने लगी हैं। फल व सब्जी का व्यापार करने वाले राजकुमार सोनकर, संतोष आदि का कहना रहा कि कि सब्जियों के सिकुड़ने से वजन कम होने के कारण महंगी सब्जी घाटे का सौदा साबित हो रही है। वहीं कच्चा आम खरीदकर उसे पकाने के बाद गर्मी के चलते वजन कम होने से नुकसान हो रहा है। मंडी का भाव भागने लगा है। वैसे बोरे को पानी से भिगोकर नमी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं उपभोक्ताओं का मानना है कि जब तक बारिश नहीं होगी फलों का स्वाद आना मुश्किल है।

वर्जन
किसानों को नमी बरकरार रखने की जरूरत है। कोशिश करें कि सब्जी व फल पर हल्का सा पुआल बिखेर दें, ताकि नमी बनी रहे। सब्जियों के खेतों में एक दो दिन के अंतराल पर पानी देते रहें।
विनोद कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी

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