ख़बरेंचंदौली

Chandauli News: पुलिस के हत्थे चढ़े चार शातिर लुटेरे, तमंचा, चेन और दो बाइकें बरामद, पुलिस रैकेट का लगा रही पता

चंदौली। अलीनगर थाना पुलिस और स्वाट टीम ने 25 अगस्त की रात एसएस हॉस्पिटल, आलमपुर के पास हुई लूट और फायरिंग की घटना का खुलासा करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से लूटी गई सोने की चेन, 4,420 रुपये नकद, तीन तमंचे, छह जिंदा कारतूस, दो मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में कुछ के खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

 

पुलिस के मुताबिक 25 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे सूर्यान्श जायसवाल अपने मित्र प्रशान्त यादव और मोहित चौहान के साथ कार से एसएस हॉस्पिटल आलमपुर के पास पहुंचे थे। इसी दौरान टीवीएस मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों ने उनकी कार के आगे बाइक लगाकर रास्ता रोक दिया। आरोप है कि बदमाशों ने तमंचे से फायर किया और सूर्यान्श के गले से सोने की चेन छीनकर चंदौली की ओर फरार हो गए। मामले में अलीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

 

घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, भौतिक साक्ष्यों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। 28 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली कि घटना में शामिल बदमाश दोबारा किसी वारदात की फिराक में सकलडीहा से रिंग रोड की ओर आ रहे हैं। सूचना पर अलीनगर पुलिस और स्वाट टीम ने तारापुर/आलमपुर अंडरपास के पास घेराबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू की।

 

इसी दौरान टीवीएस रोनिन बाइक पर सवार दो संदिग्धों ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया, लेकिन सड़क गीली होने के कारण बाइक फिसल गई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी पहचान गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र निवासी राजकुमार दुबे और चंदौली के धीना थाना क्षेत्र निवासी अमन गिरी के रूप में हुई। राजकुमार के पास से लूटी गई सोने की चेन, तमंचा, कारतूस, दो मोबाइल, 3,000 रुपये और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद हुई। अमन के पास से तमंचा, दो कारतूस, मोबाइल और 500 रुपये मिले।

 

पूछताछ में दोनों ने अपने दो अन्य साथियों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने दूसरी बाइक से आ रहे कमलेश मिश्रा उर्फ पंकज मिश्रा और विनोद सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। कमलेश के पास से तमंचा, दो कारतूस और 420 रुपये, जबकि विनोद के पास से एक कारतूस और 500 रुपये बरामद हुए।

 

पुलिस के अनुसार गिरोह हाईवे पर सैयदराजा से राजातालाब तक घूमकर मौका देखकर असलहे के बल पर लूट करता था। घटना के बाद हथियार और बाइक छिपाने में भी आरोपितों के सहयोग की बात सामने आई है। पीड़ित ने मौके पर पहुंचकर राजकुमार और अमन की पहचान की तथा बरामद चेन की शिनाख्त की। पुलिस ने मुकदमे में बरामदगी और साक्ष्यों के आधार पर संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए चारों आरोपितों को न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपितों के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

 

Back to top button
error: Content is protected !!