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Chandauli News: चंदौली को दोहरी सौगात: ₹3.55 करोड़ के निबंधन भवन का लोकार्पण, शिक्षकों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य योजना का शुभारंभ

चंदौली। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बुधवार को जनपद को विकास और शिक्षा के क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण सौगातें मिलीं। एक ओर कलेक्ट्रेट परिसर में 3.55 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक उप निबंधक सदर एवं सहायक महानिरीक्षक (एआईजी) निबंधन कार्यालय भवन का लोकार्पण किया गया, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ के अवसर पर शिक्षकों को प्रतीकात्मक कार्ड वितरित किए गए। दोनों कार्यक्रमों में प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क तथा पंजीयन विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित समारोह में मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर नवनिर्मित कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। करीब ₹3 करोड़ 55 लाख 76 हजार की लागत से निर्मित यह भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। उन्होंने कहा कि नए भवन के शुरू होने से रजिस्ट्री, स्टाम्प और निबंधन संबंधी कार्य अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और तेज गति से संपन्न होंगे, जिससे आम नागरिकों के साथ-साथ अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स को भी बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा।

मंत्री ने अधिवक्ताओं को विभाग और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि सरकार पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पुराने भवनों में बैठने और कार्य करने में आने वाली कठिनाइयों को अब काफी हद तक दूर कर दिया गया है। कार्यक्रम के बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में आम का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया और लोगों से विकास के साथ हरियाली बढ़ाने का आह्वान किया।

इसी दिन कलेक्ट्रेट सभागार में वाराणसी से मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी देखा गया, जिसमें मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मंत्री रवीन्द्र जायसवाल और जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने जनपद के 15 शिक्षकों को योजना के प्रतीकात्मक कार्ड प्रदान किए।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार ने बताया कि योजना के अंतर्गत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, विशेष शिक्षकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, रसोइयों तथा उनके आश्रितों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे चन्दौली के लगभग 10,327 लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा डीबीटी के माध्यम से विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में प्रति छात्र 1,200 रुपये की राशि भी हस्तांतरित की गई। मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने अभिभावकों से अपील की कि इस धनराशि का उपयोग केवल बच्चों की यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, बैग और स्टेशनरी जैसी शैक्षिक आवश्यकताओं पर ही करें।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और राज्य सरकार उनके स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा तथा सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कार्यक्रम में शिक्षकों और संविदा कर्मियों के लिए बीमा एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न सुविधाओं की भी जानकारी दी गई। जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया।

 

दोनों कार्यक्रमों में मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साईं, अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता, शिक्षक तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

 

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