
फसल, मकान और अन्य संपत्तियों के नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश, सभी पात्रों-पीड़ितों को सहायता का दिलाया भरोसा
चंदौली। चक्रवाती तूफान के कारण जिले में हुई भारी बारिश और तेज हवाओं से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विभिन्न इलाकों का भ्रमण कर जमीनी स्थिति देखी और प्रभावित ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। डीएम ने अधिकारियों को नुकसान का निष्पक्ष और सटीक आकलन कराकर प्रभावितों को जल्द से जल्द मुआवजा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा की स्थिति में राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी उपजिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में तहसीलदारों और लेखपालों की संयुक्त टीमें गठित कर प्रभावित गांवों का सर्वे कराएं। टीमें घर-घर और खेतों तक पहुंचकर नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन करें, ताकि किसी भी प्रभावित व्यक्ति का नाम सर्वे से छूटने न पाए।
उन्होंने विशेष रूप से फसलों, मकानों और अन्य परिसंपत्तियों को पहुंचे नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि सर्वे में पारदर्शिता और निष्पक्षता का पूरा ध्यान रखा जाए। नुकसान का आकलन करते समय पात्रता के आधार पर सभी प्रभावितों को शामिल किया जाए। किसी भी पात्र पीड़ित को सरकारी सहायता से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वे की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। नुकसान का अंतिम आकलन तैयार होते ही शासन के निर्धारित मानकों के अनुसार राहत और मुआवजे की धनराशि प्रभावितों के बैंक खातों में जल्द से जल्द भेजने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि चक्रवाती तूफान के मद्देनजर सभी प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों को अलर्ट रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन इस कठिन परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है। नुकसान का आकलन कराकर नियमानुसार जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

