
संवाददाता-बाबू चौहान
चंदौली। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ के प्रभाव से लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चंदौली के शहाबगंज विकासखंड क्षेत्र में मौसम की मार से धान की तैयार हो रही फसल को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। पिछले दो से तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश और तेज हवाओं के चलते खेतों में खड़ी धान की फसल बड़े पैमाने पर जमीन पर गिर गई है। इससे किसानों की महीनों की मेहनत और खेती में लगाई गई पूंजी पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
शुक्रवार 30 अक्टूबर की सुबह किसान जब अपने खेतों का हाल जानने पहुंचे तो कई गांवों में धान की फसल जमीन पर बिछी मिली। गोविंदपुर, मसोई, एकौना, हड़ौरा, खिलची, केरायगांव, खखड़ा, परमंदापुर और राममाड़ो सहित क्षेत्र के कई गांवों में फसल गिरने की स्थिति सामने आई है। खेतों में लहलहाती फसल को इस तरह बर्बाद होते देख किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई।
किसानों का कहना है कि तेज हवा और बारिश के कारण जमीन पर गिरी धान की फसल को दोबारा खड़ा करना मुश्किल है। खेतों में पानी जमा होने और बालियों के जमीन से सटने के कारण दानों की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ ही फसल के सड़ने और उत्पादन घटने की आशंका है। इससे कटाई और मड़ाई में भी परेशानी हो सकती है। खेती पर निर्भर परिवारों को अब आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है।
सर्वे और मुआवजे की मांग
मौसम की इस मार से परेशान किसानों ने शासन-प्रशासन से राहत की गुहार लगाई है। किसानों की मांग है कि कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गांवों में पहुंचकर प्रभावित खेतों का स्थलीय निरीक्षण करे और फसल क्षति का निष्पक्ष आकलन कराए। इसके आधार पर सरकारी प्रावधानों के तहत प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

