
चंदौली। धीना थाना क्षेत्र के डेढ़गांवा के पास माइनर में बोरे में बंद मिले दो युवकों के शवों की पहचान होने के बाद पुलिस की जांच तेज हो गई है। मृतकों की पहचान सिद्धार्थ सिंह (34) पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र कुमार सिंह निवासी मेढ़वा नगवा, थाना धानापुर, चंदौली और सागर त्रिपाठी (36) पुत्र वीरेंद्र निवासी यशोदा नगर, नौबस्ता, कानपुर के रूप में हुई है। दोनों गहरे दोस्त थे और करीब तीन दिन पहले कानपुर से वाराणसी घूमने की बात कहकर निकले थे। उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के पीछे हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस संपत्ति विवाद समेत विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर छानबीन कर रही है।
सिद्धार्थ अपने परिवार के इकलौते पुत्र थे। उनके पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी और वह अपनी मां के साथ कानपुर में रहते थे। उनके पैतृक गांव में काफी जमीन-जायदाद होने की बात सामने आई है। ऐसे में दोहरे हत्याकांड के पीछे संपत्ति विवाद की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
परिजनों के अनुसार, सिद्धार्थ और सागर करीब तीन दिन पहले कानपुर से वाराणसी घूमने के लिए निकले थे। वाराणसी पहुंचने के बाद सिद्धार्थ अपने पैतृक गांव मेढ़वा भी गए थे। इसके बाद दोनों डेढ़गांवा कैसे पहुंचे और किन परिस्थितियों में उनकी मौत हुई, यह पुलिस के लिए अहम सवाल बना हुआ है। दोनों के बीच दोस्ती और उनके आपसी संपर्कों की जानकारी भी जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों ने दोनों शवों की पहचान की। पुलिस अब युवकों की गतिविधियों, मोबाइल संपर्कों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। सीओ सकलडीहा कृष्णमुरारी शर्मा के अनुसार, परिजनों की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों से मौत की वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है।

