
बिछिया गांव के समीप मिला 40 वर्षीय निखिलेश चंद्र गौतम का शव, पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे साथी अधिवक्ताओं ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग, पुलिस के समझाने पर समाप्त हुआ प्रदर्शन
चंदौली। सदर कोतवाली क्षेत्र के बिछिया गांव स्थित विकास भवन के समीप शनिवार को अधिवक्ता का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान शहाबगंज थाना क्षेत्र के पहाड़पुर निवासी निखिलेश चंद्र गौतम (40) के रूप में हुई है। उनकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। घटना में हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किए जाने से नाराज अधिवक्ताओं ने जिला मुख्यालय पर हाईवे जाम कर विरोध जताया। इससे कुछ समय तक यातायात बाधित रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने अधिवक्ताओं को समझाकर शांत कराया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ और आवागमन सामान्य हो सका।
अधिवक्ता निखिलेश चंद्र गौतम बिछिया गांव स्थित अपनी ससुराल में रहते थे। वह प्रतिदिन वहां से कचहरी आते-जाते थे। शनिवार को विकास भवन के पास उनका शव मिलने की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अधिवक्ता की मौत की खबर मिलते ही कचहरी में उनके साथी अधिवक्ताओं और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में अधिवक्ता पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। घटना को लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश भी देखने को मिला। उनका कहना था कि मौत की परिस्थितियां संदिग्ध हैं और मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने जिला मुख्यालय पर हाईवे जाम कर दिया।
राष्ट्रीय अधिवक्ता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जन्मेजय सिंह ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल होनी चाहिए, ताकि अधिवक्ता की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके और दोषियों की भूमिका सामने आ सके।
वहीं, थाना प्रभारी दुर्गेश यादव ने बताया कि विकास भवन के समीप अधिवक्ता का शव मिला है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

