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डाक से भी मिल जाएगा मां अन्नपूर्णा का प्रसाद, ऐसे कर सकेंगे दर्शन

वाराणसी। धनतेरस से शुरू होने वाला अन्नपूर्णा का दर्शन इस वर्ष भी 12 नवंबर (धनतेरस पर्व) से शुरू होगा। श्रद्धालु 15 नवंबर अन्नकूट पर्व तक वाली स्वर्णमयी मां के स्वरूप का दर्शन कर सकेंगे। रविवार को काशी अन्नपूर्णा मठ मंदिर सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में महंत रामेश्वर पुरी ने आयोजन की तैयारियों को विस्तार से बताया। कहा कि बाबा विश्वनाथ और मां भगवती के आशीर्वाद व्यवस्थाएं धीरे-धीरे पटरी पर आ रही है। हालांकि खतरा अभी टला नहीं है। इस बार जिनको खजाना या प्रसाद नही मिल पाएगा उनको डाक के माध्यम से प्राप्त हो सकेगा। धनतेरस दिन गुरुवार से शुरू हो रहे स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के दर्शन के दौरान कोविड-19 के बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का पालन करवाते हुए भक्तों को दरबार में प्रवेश दिया जाएगा। भक्तों को बांसफाटक कोतवालपुरा गेट न. ढूंढीराज गणेश होते हुए मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।

अस्थायी सीढ़ियों से भक्त मन्दिर के प्रथम तल पर स्थित माता के परिसर में पहुंचेंगे। गेट पर ही माता का खजाना और लावा वितरण भक्तों में किया जाएगा। भक्त पीछे के रास्ते से राम मंदिर परिसर होते कालिका गली से निकास दिया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर में जगह-जगह वालेंटियर तैनात किए जाएंगे। थर्मल स्कैनिंग और हैंड सेनेटाइजेशन के बाद भक्तों को माता के दरबार में प्रवेश दिया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पांच-पांच भक्तों को प्रवेश दिया जाएगा।

12 नवंबर धनतेरस को भोर में 4ः35 से 5ः35 बजे तक महाआरती के बाद श्रद्धलुओं के लिए सुबह छह बजे से मां के मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा का छोटी दीपावली से अन्नकूट पर्व तक दर्शन भोर में 4 बजे से रात्रि 11 बजे तक होगा। वीआईपी समय शाम 5 से 7 रहेगा। वृद्ध और दिव्यांगों के लिए दर्शन की सुगम व्यवस्था रहेगी।

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