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चंदौलीराज्य/जिला

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग में घोर लापरवाही की होगी जांच, खुलेगी भ्रष्टाचार की पोल

चंदौली। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए पं. कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल चंदौली परिसर में संचालित करोड़ों रुपये की लागत से तैयार 100 बेड का मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता जा रहा है। मरीजों के लिए यह सफेद हाथी दांत बनकर रह गया है। हालत यह है कि अस्पताल में न दवाएं हैं ना ही कुशल चिकित्सक। शाम पांच बजे के बाद यह अस्पताल एएनएम और जीएनएम के सहारे ही संचालित होता है। ऐसे में इलाज में लापरवाही के चलते जच्चा और बच्चा की मौत के मामले एक के बाद एक सामने आ रहे हैं। बुधवार की रात नवजात की मौत के बाद परिजनों ने खूब हंगामा किया। आरोप लगाया कि चिकित्सक के नहीं रहने से इलाज के अभाव में मौत हुई है। एडीएम अतुल कुमार, एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए। एडीएम ने अस्पताल की व्यवस्था पर हैरानी जताते हुए टीम गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए। साफ कहा कि लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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जनपदवासियों विशेषकर गर्भवती महिलाओं और 12 वर्ष तक के बच्चों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा मुहैया करने के उद्देश्य से सरकार ने पीपीपी के जरिए जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग का निर्माण कराया। करोड़ों रुपये खर्च कर बहुमंजिला इमारत तैयार कराई गई है। हेरिटेज अस्पताल को संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। लेकिन कुछ दिन ठीक चलने के बाद अस्पताल उदासीनता का शिकार होकर रह गया है। यहां न तो कुशल और पर्याप्त चिकित्स हैं ना ही दवाएं। स्थिति यह कि शाम पांच बजे से बाद एएनएम और जीएनएम अस्पताल का संचालन करती हैं। यानी रात को कोई मरीज गंभीर हो जाए तो उसे भगवान ही बचाए।

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लोगों का आरोप है कि यह अस्पताल भ्रष्टाचार का वाहक बन कर रह गया है। चिकित्सकों के नाम पर धन तो आता है लेकिन चिकित्सक नहीं रखे जा रहे हैं । बुधवार को सदर कोतवाली क्षेत्र के जगदीशसराय गांव के नवजात की मौत के बाद अस्पताल की लापरवाही खुलकर सामने आ गई। परिजनों ने हंगामा शुरू किया तो अस्पताल के सीएमएस कोई जबाव नहीं दे सके। सीएमओ भी बात करने पर टालमटोल करते रहे। लेकिन एडीएम और एसडीएम मौके पर पहुंचे उन्होंने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि टीम गठित कराकर जांच कराई जाएगी। एडीएम वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार ने कहा कि अस्पताल में कितने चिकित्सक और कर्मचारी होने चाहिएं कितने हैं और कितना फंड आ रहा है इसकी जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी मिलेगा कार्रवाई होगी।

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