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चंदौली में दोहरे हत्याकांड का खुलासा : किरकिरी कराने के बाद पुलिस ने दिखाई आरोपितों की गिरफ्तारी, सामने आई हत्या की वजह

डेढ़गावां के पास मिले थे कानपुर के सिद्धार्थ और सागर के शव, एक को गोली मारी तो दूसरे का हंसिया से रेता था गला, धानापुर ब्लॉक गेट से दबोचे गए आरोपी

 जमीन विवाद में शराब पार्टी के दौरान खूनी संघर्ष, हत्या के बाद स्कॉर्पियो और बोरे में शव भरकर अलग-अलग स्थानों पर फेंका, पुलिस ने निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त हंसिया बरामद किया

 चंदौली। दोहरे हत्याकांड में शुरुआती जांच और कार्रवाई को लेकर किरकिरी होने के बाद आखिरकार चंदौली पुलिस ने दो आरोपितों की गिरफ्तारी दिखा दी। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं कि गिरफ्तार किए गए आरोपितों की गिरफ्तारी की आधिकारिक घोषणा से पहले ही मामला सोशल मीडिया में वायरल हो चुका था। ऐसे में दोहरे हत्याकांड के खुलासे के साथ पुलिस की कार्यप्रणाली भी चर्चा के केंद्र में है। धीना थाना क्षेत्र के डेढ़गावां गांव के पास 22 अक्टूबर को कानपुर निवासी दो युवकों के शव मिले थे।

 

पुलिस के मुताबिक, कटरे की खरीद और रजिस्ट्री को लेकर हुए विवाद में दोनों युवकों की गोली मारकर और धारदार हथियार से हत्या की गई थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने शवों को अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया था। मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों सूर्यप्रकाश सिंह और विकास सिंह को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल एक हंसिया भी बरामद किया गया है।

 

पुलिस के अनुसार, 22 अक्टूबर को डेढ़गावां के पास नहर-नाले और सड़क किनारे दो अज्ञात युवकों के शव मिले थे। शवों पर धारदार हथियार से चोट और गोली लगने के निशान पाए गए थे। एसपी आकाश पटेल ने मौके पर पहुंचकर फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और सर्विलांस टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया था। बाद में मृतकों की पहचान सिद्धार्थ सिंह (32) निवासी मूल रूप से गाजीपुर और वर्तमान पता जाजमऊ, कानपुर तथा सागर त्रिपाठी (35) निवासी यशोदा नगर, कानपुर के रूप में हुई।

 

कटरे की रजिस्ट्री को लेकर शुरू हुआ विवाद

पुलिस की जांच और पूछताछ में सामने आया कि 21 अक्टूबर को धानापुर में घनश्याम सिंह के मकान पर शराब और मीट की पार्टी रखी गई थी। इसमें रवि सिंह, गोलू सिंह, सिद्धार्थ सिंह और उसका दोस्त सागर त्रिपाठी भी शामिल थे। सभी के बीच नंदगंज के सादियाबाद मोड़ स्थित सिद्धार्थ के नाम के कटरे की खरीद और रजिस्ट्री को लेकर बातचीत हो रही थी। इसी दौरान रवि सिंह और सिद्धार्थ के बीच विवाद बढ़ गया।

 

पुलिस के मुताबिक, रवि और गोलू सिद्धार्थ को घर के बाहर सड़क पर ले गए और सीने में गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनकर सागर अपने एक मित्र को फोन पर घटना की जानकारी देने लगा। इससे घबराए आरोपियों ने उसे भी पकड़ लिया। आरोप है कि सूर्यप्रकाश सिंह ने हंसिया से सागर का गला रेत दिया, जबकि रवि सिंह ने उसे भी गोली मार दी।

 

एक शव स्कॉर्पियो तो दूसरा बोरे में भरकर फेंका

पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपियों ने एक अन्य साथी की मदद से दोनों शवों को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। सिद्धार्थ के शव को सूर्यप्रकाश की स्कॉर्पियो में लादा गया, जबकि सागर के शव को बोरे में भर दिया गया। इसके बाद डेढ़गावां-जमानिया बॉर्डर के पास पुलिया के नजदीक सिद्धार्थ का शव फेंक दिया गया और करीब एक किलोमीटर दूर सागर का शव नहर में डाल दिया गया। वारदात के बाद सभी बनारस की तरफ चले गए।

 

धानापुर ब्लॉक गेट के पास से गिरफ्तारी

सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस डेटा, फॉरेंसिक साक्ष्यों और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर धीना और धानापुर पुलिस की संयुक्त टीम ने दोनों मुख्य आरोपियों को धानापुर ब्लॉक परिसर के गेट के पास से गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में सूर्यप्रकाश सिंह (24) और विकास सिंह (34), दोनों निवासी मेढवा, थाना धानापुर शामिल हैं। पुलिस ने सूर्यप्रकाश की निशानदेही पर डेढ़गावां के पास झाड़ियों से वारदात में प्रयुक्त हंसिया बरामद किया है। कार्रवाई में धीना प्रभारी निरीक्षक त्रिवेणी लाल सेन, उपनिरीक्षक बृजेश कुमार मिश्रा और पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।

 

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