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बच्चे की मौत पर मुगलसराय के प्रतिष्ठित अस्पताल में तोड़फोड़, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप

चंदौली। पीडीडीयू नगर स्थित मायाबिंद चाइल्ड क्लीनिक में मंगलवार की रात इलाज के दौरान डेढ़ माह के बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने जमकर बवाल काटा। डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। कहा कि आक्सीजन की आपूर्ति बंद कर दी गई थी, जिससे बच्चे की मौत हुई है। नाराज परिजन कोतवाली पहुंचे और पुलिस से शिकायत की। पुलिस अस्पताल के चिकित्सकों और चिकित्साकर्मियों को पूछताछ के लिए थाने ले आई और तकरीबन चार घंटे तक पूछताछ के बाद छोड़ा। वहीं अस्पताल संचालक ने लापरवाही के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
मुगलसराय के परशुरामपुर निवासी जयप्रकाश ने विगत दो दिन पूर्व अपने डेढ़ माह के बच्चे को तबीयत खराब होने पर मायाबिंद चाइल्ड क्लीनिक में भर्ती कराया। जयप्रकाश के अनुसार डाक्टरों ने निमोनिया की दिक्कत बताई। उसे आक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। डॉक्टरों का कहना था कि आपका बच्चा स्वस्थ है अगले दिन छुट्टी दे दी जाएगी। जयप्रकाश एक आरोप यह भी है क्लीनिक नियम है कि अगर एक मरीज के साथ कोई भी अन्य व्यक्ति रुकेगा तो ₹500 अलग से लिए जाएंगे। इसलिए हम अपने बच्चे के पास नहीं रुक सके और हमें बाहर निकाल दिया गया। जब हमने कुछ देर बाद देखा तो बच्चा हिचकियां ले रहा था। उसकी हालत बिगड़ती समझ में आई। जिस पर हम ने डॉक्टरों को बुलाया मगर डॉक्टर काफी देर तक नहीं पहुंचे और जब डॉक्टर वहां पहुंचे तो उल्टा डांटना शुरू कर दिया कि तुम कहां थे तुमको बच्चे के पास रहना चाहिए था और हमें बाहर निकाल दिया। इसके बाद बच्चे की मौत हो गई। नाराज परिजनोें ने खूब हंगामा मचाया और तोड़फोड़ भी की। इस बाबत मायाबिन्द चाइल्ड क्लीनिक के संचालक डॉ राजेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि डॉक्टरों पर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। बच्चे के दिल में छेद था उसकी दवा भी चल रही थी। यह बात हम लोगों ने पहले ही बच्चे के घर वालो को बता दी थी कि किसी प्रकार की दिक्कत भी हो सकती है। हम लोगों ने उनसे लिखित भी ले लिया था। आरोप लगाया कि मरीज के परिजनों ने हॉस्पिटल में तोड़फोड़ की जो गलत है। कोतवाली प्रभारी राजीव रंजन उपाध्याय ने बताया कि इस मामले में अस्पताल के चिकित्सकों से पूछताछ की गई है। किसी भी पक्ष ने लिखित तहरीर नहीं दी है।

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