
चंदौली। पीडीडीयू नगर जंक्शन पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान एक युवक के बैग से 43 लाख रुपये नकद बरामद किए। युवक सम्पूर्ण क्रांति एक्सप्रेस के जनरल कोच में सवार होकर पटना से नई दिल्ली जा रहा था। इतनी बड़ी रकम के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को रकम के हवाला कारोबार से जुड़े होने की आशंका है।
सम्पूर्ण क्रांति एक्सप्रेस प्लेटफार्म संख्या सात पर पहुंची थी। इसी दौरान आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने ट्रेन में चेकिंग अभियान शुरू किया। जनरल कोच में जांच के दौरान एक युवक के बैग पर पुलिसकर्मियों को संदेह हुआ। बैग की तलाशी लेने पर उसमें बड़ी मात्रा में नकदी मिली। पुलिस ने रकम की गिनती कराई तो कुल 43 लाख रुपये बरामद हुए।
रेलवे सुरक्षा बल के अनुसार पकड़े गए युवक की पहचान आलोक शाह निवासी गायघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि वह रकम पटना से नई दिल्ली लेकर जा रहा था। हालांकि, इतनी बड़ी नकदी कहां से आई और इसे किसे सौंपना था, इसके संबंध में वह पुलिस को स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। इसके बाद पुलिस ने रकम के स्रोत और इसके इस्तेमाल को लेकर जांच तेज कर दी।
दस लाख पहुंचाने पर दस हजार रुपये कमीशन
सीओ जीआरपी कुंवर प्रभात सिंह के अनुसार, पूछताछ में युवक ने नकदी एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के बदले कमीशन मिलने की बात बताई है। उसने बताया कि करीब दस लाख रुपये पहुंचाने के एवज में उसे दस हजार रुपये कमीशन मिलता था। इस जानकारी के बाद पुलिस को संदेह है कि युवक किसी बड़े नेटवर्क के लिए नकदी पहुंचाने का काम कर रहा था।
मोबाइल और संपर्कों की भी जांच
43 लाख रुपये की बरामदगी के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। युवक के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच टीम यह पता लगाने में लगी है कि रकम किसकी थी, पटना से इसे किसके निर्देश पर भेजा गया और दिल्ली में इसे किसे सौंपा जाना था।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक इससे पहले कितनी बार इस तरह नकदी पहुंचा चुका है। बरामद रकम को कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि 43 लाख रुपये का संबंध हवाला कारोबार से है या किसी अन्य वित्तीय लेनदेन से।

