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Chandauli News: पावरलूम मशीन के नाम पर 9.50 लाख की धोखाधड़ी का खुलासा, बैंक अधिकारियों समेत कई के खिलाफ मुकदमा दर्ज

चंदौली। मुगलसराय पुलिस ने पावरलूम मशीन के लिए बैंक ऋण दिलाने के नाम पर 9.50 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी और गबन के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तत्कालीन बैंक प्रबंधक, फील्ड ऑफिसर, बिचौलिए मनोज कुमार शर्मा, सोनी ट्रेडर्स सहित अन्य आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक न्यासभंग और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में दो लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई भी की गई है।

 

पुलिस के अनुसार, दुलहीपुर निवासी रुकसाना बीबी, पत्नी परवेज अहमद ने थाना मुगलसराय में तहरीर देकर बताया कि उन्होंने वर्ष 2013 में पुरानी पावरलूम मशीन से अपना कारोबार शुरू किया था। कारोबार बढ़ाने के लिए नई मशीन खरीदने हेतु उन्होंने जिला उद्योग केंद्र चंदौली के माध्यम से आवेदन किया। आरोप है कि बड़ौदा यूपी बैंक, दुलहीपुर शाखा के तत्कालीन अधिकारियों और कुछ बिचौलियों ने मिलकर उन्हें धोखे में रखा।

 

शिकायत के मुताबिक, अनपढ़ होने का फायदा उठाकर उनसे विभिन्न दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। वर्ष 2022 में उनके नाम पर 9.50 लाख रुपये का बैंक ऋण स्वीकृत कराया गया, लेकिन उन्हें केवल 2.90 लाख रुपये ही दिए गए, जबकि शेष राशि का कथित रूप से गबन कर लिया गया। इतना ही नहीं, नई पावरलूम मशीन भी उपलब्ध नहीं कराई गई और उनसे हर महीने 15 हजार रुपये की ऋण किस्त वसूली जाती रही।

 

तहरीर के आधार पर थाना मुगलसराय में मुकदमा संख्या 362/2026 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406 और 120-बी में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इसी मामले को लेकर चांदनी मार्केट क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच विवाद और कहासुनी की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान एक पक्ष शांत हो गया, जबकि मनोज कुमार शर्मा और गोविंद कुमार ने कथित रूप से उग्र व्यवहार कर शांति व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 170/126/135 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की।

 

पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। बैंक ऋण प्रक्रिया, संबंधित दस्तावेजों और अन्य आरोपितों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

 

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