
चंदौली। जिले में चोरी और नकबजनी की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लगा पाने तथा दर्ज मुकदमों का खुलासा करने में लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने सख्त कार्रवाई की है। कर्तव्यों के प्रति उदासीनता, विवेचना में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी के आरोप में तीन उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। उपनिरीक्षकों ने मामलों का खुलासा किए बगैर ही अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। एसपी की इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा है।
बिना खुलासे के दाखिल कर दी अंतिम रिपोर्ट
सकलडीहा थाने में तैनात उपनिरीक्षक दिनेश राम के खिलाफ दो मुकदमों की विवेचना में गंभीर लापरवाही सामने आई। थाना सकलडीहा में दर्ज मुकदमा संख्या 87/2025 (धारा 303(2) बीएनएस) और मुकदमा संख्या 113/2025 (धारा 305(ए)/331(4) बीएनएस) की विवेचना के दौरान उन्होंने घटना का खुलासा किए बिना और चोरी का माल व आरोपितों की बरामदगी किए बिना ही अंतिम रिपोर्ट प्रेषित कर दी। क्षेत्राधिकारी सकलडीहा की ओर से कई बार लिखित और मौखिक निर्देश दिए जाने के बावजूद कोई सार्थक प्रयास नहीं किया गया। क्षेत्राधिकारी की 29 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के आधार पर दिनेश राम को निलंबित कर दिया गया।
बीट क्षेत्र में अपराध नियंत्रण में विफलता
मुगलसराय थाने में तैनात उपनिरीक्षक रामकेर यादव पर अपने बीट क्षेत्र में अपराधों पर नियंत्रण नहीं रखने और चोरी व नकबजनी जैसे गंभीर मामलों की विवेचना तथा चोरी के माल की बरामदगी में रुचि नहीं लेने का आरोप है। इसके अलावा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना भी सामने आई। क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर की 30 अक्टूबर की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
नकबजनी की घटनाएं रोकने में लापरवाही
इसी क्रम में चंदौली थाने के हल्का/बीट संख्या एक में तैनात उपनिरीक्षक केशव प्रसाद सिंह को भी निलंबित कर दिया गया। उनके क्षेत्र में लगातार नकबजनी की घटनाएं होने और उन पर प्रभावी अंकुश नहीं लगा पाने के संबंध में क्षेत्राधिकारी सदर ने 29 अक्टूबर को रिपोर्ट सौंपी थी।
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मियों की ओर से कर्तव्यों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्य में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी।

