
चंदौली। गोवध निवारण अधिनियम के मुकदमे में लंबे समय से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त को चंदौली कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सर्विलांस सेल की ट्रैक लोकेशन और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी विजय कुमार राजभर को वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र स्थित पलही पट्टी चौराहे से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी इस मामले में वाहन स्वामी भी है।
पुलिस के मुताबिक, 21 मार्च 2025 को चंदौली कोतवाली पुलिस लीलापुर फाटक के पास संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक मैजिक वाहन संदिग्ध नजर आया। पुलिस ने वाहन को रोककर तलाशी ली तो उसमें तीन गोवंश बरामद हुए। वाहन में दो लोग सवार थे, जिन्हें पुलिस ने नीचे उतारकर पूछताछ की। बरामदगी के बाद वाहन संख्या UP65NT2072 को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया था।
इस कार्रवाई के आधार पर चंदौली कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 65/2025 दर्ज किया गया था। मामले में गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5ए/5बी/8 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत कार्रवाई की गई थी। पुलिस के अनुसार, मुकदमे में विजय कुमार राजभर पुत्र राजनाथ राजभर, निवासी बबुआ उदयपुर, थाना चोलापुर, वाराणसी, काफी समय से वांछित चल रहा था।
लगातार फरार रहने के कारण आरोपी की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उच्चाधिकारियों के निर्देशन में चंदौली कोतवाली पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। इसी क्रम में सर्विलांस सेल से मिली ट्रैक लोकेशन और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 30 अगस्त 2026 को सुबह करीब 9:20 बजे पलही पट्टी चौराहे पर घेराबंदी कर विजय कुमार राजभर को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक केशव प्रसाद सिंह, कांस्टेबल हरेन्द्र कुमार सिंह और कांस्टेबल अरविन्द कुमार प्रथम शामिल रहे।

