
चंदौली। भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने वाली योगी सरकार में चंदौली का परिवहन विभाग भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में है। आरोप सीधे एआरटीओ और उनके सिपाही पर लगे हैं। ट्रांसपोर्टरों की शिकायत के बाद एडीजी के आदेश पर पुलिस ने एआरटीओ के सिपाही दुर्गा श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए गिरफ्तार कर लिया। वहीं पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी सीओ सदर को सौंपी गई है। परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार का यह कोई पहला मामला नहीं है। सपा सरकार में चंदौली के एआरटीओ रहे आरएस यादव को ट्रकों से अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें कई साल जेल में काटने पड़े।
गाजीपुर निवासी ट्रांसपोर्टर सुनील यादव ने आरोप लगाया है कि चन्दौली में एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम और उनकी टीम द्वारा ट्रकों से अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं। उन्होंने इसको लेकर एडीजी से शिकायत की थी। एडीजी के आदेश के बाद पुलिस हरकत में आई और मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने एआरटीओ के सिपाही को गिरफ्तार कर लिया। सीओ सदर को मामले की जांच सौंपी गई।
शिकायत के अनुसार ट्रांसपोर्टरों से हर ट्रक के बदले प्रति माह लगभग 5 हजार रुपये की ‘इंट्री फीस’ मांगी जाती थी। आरोप है कि जो ट्रांसपोर्टर यह रकम नहीं देते, उनके ट्रकों को रास्ते में रोककर जबरन चालान किया जाता है और कई बार वाहन को सीज भी कर दिया जाता है। ट्रांसपोर्टर सुनील यादव का आरोप है कि 19 और 20 फरवरी की रात उनके ट्रक को चन्दौली-मिर्जापुर बॉर्डर पर रोक लिया गया। इसके बाद वाहन को जबरन चन्दौली लाया गया और चालान कर पुलिस चौकी में खड़ा करा दिया गया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई नियमों के तहत नहीं बल्कि दबाव बनाने के उद्देश्य से की गई।
पीड़ित ट्रांसपोर्टर का यह भी दावा है कि इससे पहले भी उनसे ‘इंट्री फीस’ के नाम पर करीब 90 हजार रुपये की ऑनलाइन वसूली की जा चुकी है। इसके अलावा टीम में शामिल एक सिपाही पर ऑनलाइन और नकद दोनों तरीके से पैसे लेने का आरोप लगाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पूरे प्रकरण की जांच सीओ सदर को सौंपी गई है, जो आरोपों की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
ट्रकों से अवैध वसूली, एआरटीओ आरएस यादव हुए थे गिरफ्तार
ट्रकों से अवैध वसूली के आरोप में सपा सरकार में अच्छा-खासा रसूख रखने वाले सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी आरएस यादव को गिरफ्तार किया गया था। आरएस यादव के सिपाही व कर्मचारियों को ट्रकों से अवैध वसूली करते रंगे हाथ पकड़ा गया था। आरएस यादव को कई साल जेल में गुजारने के बाद जमानत मिली।

