
चंदौली। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित अन्य मांगों को लेकर आर वाई ए और आइसा से जुड़े छात्रों व नौजवानों ने गुरुवार को जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय उपवास किया। साथ ही राष्ट्रपति के नाम संबोधित पत्रक सदर उप जिलाधिकारी को सौंपा।
सभा को संबोधित करते हुए इंकलाबी नौजवान सभा के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर प्रसाद ने कहा पूरे देश में शिक्षा का हाल बदहाल होता जा रहा है। नीट पेपर लीक होने के बाद परीक्षा प्रणाली से भी छात्रों का भरोसा उठ गया है। न सिर्फ नीट परीक्षा में पेपर लीक के मामले ने पूरे देश के छात्र-नौजवानों को झकझोरा है, बल्कि उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर, यूपीएसआई, लेखपाल भर्ती में अपारदर्शिता और भ्रष्टाचार के मामले ने परेशान कर दिया है। इन सब मामलों के जिम्मेदार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान हैं जिन्हें इस्तीफा देना ही होगा क्योंकि अब गांव गांव का नौजवान भी दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलनकारियों के समर्थन में खड़ा हो रहा है और आंदोलन के विस्तार की योजना बना रहा है।
ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन आइसा की पूर्व संयोजक क्रांति पासवान ने कहा कि शिक्षा-परीक्षा दुर्व्यवस्था से परेशान होकर छात्रों-नौजवानों ने पूरे देश में आवाज उठाई, लेकिन उनकी आवाज को अनसुना कर दिया गया। इससे परेशान होकर दर्जनों छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश युवाओं को ही कॉकरोच-परजीवी बोल दे रहे हैं।
इंकलाबी नौजवान सभा के गोविंद यादव ने कहा कि इस दुर्व्यवस्था और अपमान के खिलाफ छात्र पिछले 12 दिनों से जंतर मंतर नई दिल्ली में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं हम उनकी लड़ाई के साथ आने वाले दिनों में आंदोलन को तेज करेंगे। सुनैना कुमारी ने मांग किया कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को रद्द किया जाए,असिस्टेंट प्रोफेसर, यूपीएसआई, लेखपाल भर्ती में अपारदर्शिता और भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए।अनिल पासवान,अमित कुमार आदि उपस्थित थे।

