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चंदौलीः सबने किया किनारा, पूर्व विधायक मनोज बने बीमार बिट्टू का सहारा

चंदौली। पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू की पहल के बारे में जानने से पहले गरीब बिट्टू की कहानी सुननी जरूरी है। सकलडीहा क्षेत्र के बरठी गांव निवासी दिव्यांग दंपती शिवपूजन राम और तारा देवी का 15 वर्षीय इकलौता पुत्र बिट्टू किडनी के रोग से पीड़ित है। घर में खाने तक को पर्याप्त पैसे नहीं तो भारी भरकम इलाज का खर्च वहन करना गरीब परिवार के लिए कहां संभव है। विडंबना यह कि आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी बीमार किशोर का इलाज नहीं हो पा रहा। दिव्यांग दंपती बेटे के इलाज को दर-दर भटकते रहे। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई लेकिन कोई मदद को आगे नहीं आया। बहरहाल सोशल मीडिया पर खबर वायरल होने के बाद सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह शुक्रवार को बीमार बिट्टू से मिलने उसके घर पहुंचे। अपने साथ जिला अस्पताल ले गए। सीएमओ से बात कर बिट्टू को दो महीने की दवा दिलवाई और घर भेजवाया।


बरठी गांव के शिवपूजन राम 50 वर्ष व उनकी पत्नी तारा देवी 45 वर्ष पैरों से दिव्यांग हैं। परिवार का पेट पालने के लिए कपड़ों की सिलाई ही उनका एक मात्र सहारा है। लेकिन कोरोना काल में परिवार पर मुसीबत आ गई है। शिवपूजन के 15 वर्षीय पुत्र बिट्टू को किडनी में इंफेक्शन है। पति.पत्नी के दिव्यांग होने की वजह से सरकार ने इन्हें प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड भी दे रखा है लेकिन यह उनके बेटे के इलाज में मददगार नहीं बन पा रहा है। बच्चे के इलाज के लिए मां व पिता ने गांव के ग्रामीणों से मदद लेकर चंदौली के किसी निजी अस्पताल में बेटे का इलाज कराया। इलाज करने वाले डाक्टरों ने तत्काल बिट्टू का आपरेशन कराने की सलाह दी है। लेकिन इतना पैसा नहीं है कि उसका इलाज करा सकें। इकलौता पुत्र होने के कारण माता.पिता लोगों के घर घर जाकर मदद की गुहार लगा रहे हैं। पिता शिवपूजन बताते हैं कि प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी कहीं कोई अस्पताल उनके पुत्र का इलाज करने के लिए तैयार नहीं हो रहा है। बेटे के इलाज के लिए दिव्यांग पिता ने जनपद के आला अधिकारियों व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से उम्मीद जताई। लेकिन लाभ नहीं हुआ। सोशल मीडिया पर खबर चलने के बाद सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू शुक्रवार को बीमार बिट्टू से मिलने उनके घर पहुंचे। पूर्व विधायक ने तत्काल बिट्टू को चंदौली कमलापति त्रिपाठी जिला चिकित्सालय ले गए। दो महीने की दवा दिलवाकर वापस भेजा और परिवार को हर संभव मदद का भरोस दिलाया।

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