संस्कृति एवं ज्योतिष

मंत्र जाप करने के भी होते हैं खास नियम, जानें विधि व महत्व

हिंदू धर्म में कई ऐसे उपाय बताएं गए हैं जिनसे आप भगवान की भक्ति कर सकते हैं और उनका आशीर्वाद भी प्राप्त कर सकते हैं। इन्हीं उपायों में से एक हैं मंत्रों का जाप। मंत्रों का जाप भगवान की भक्ति करने के लिए बेहद खास होता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंत्रों के जाप करने से सुख-समृद्धि के साथ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा बना रहता है। लेकिन बता दें कि मंत्रों का जाप करने के कुछ विशेष नियम होते हैं, जिनका पालन करना बेहद ही जरूरी होता है। तभी मंत्रोच्चारण का फल प्राप्त हो सकता है।

मंत्र जाप करने के फायदे
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंत्र जाप में बहुत ही शक्ति होती है। मान्यता है कि मंत्र जाप करने से मनुष्य का शरीर और आत्म शुद्ध रहती है। साथ ही आरोग्य जीवन भी मिलता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंत्रों के जाप से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि मंत्रों का जाप नियमानुसार करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक लाम के साथ शरीर में कई सारे लाभ मिलते हैं।

मंत्र जाप करने के नियम
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंत्रों का जाप सूर्योदय के समय करना सबसे अच्छा माना गया है। मान्यता है कि मंत्र जाप करने से पहले संकल्प लेनी जरूरी होती है। इसके बाद ही मंत्र का जाप करना चाहिए। मान्यता है कि मंत्र का जाप करने से सिद्धि की प्राप्ति होती है।

इस माला से करें मंत्र का जाप
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि कोई जातक मंत्र का जाप उचित माला से करता है तो उस जातक को बेहद लाभ प्राप्त होता है। ज्योतिषियों के अनुसार, मंत्र कभी भी मूंगे की माला, मोती की माला, कमल गट्टे की माला, तुलसी की माला और रुद्राक्ष की माला से जाप करना चाहिए। यह सबसे उत्तम माना जाता है।

 

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