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बिटिया के समर्थन में उठ खड़ा हुआ पूर्वांचल, भारी विरोध प्रदर्शन, पुलिस से नोकझोंक


निर्भया कांड के बाद पूदे देश में बेटियों के साथ दुष्कर्म की अनेकों घटनाएं घटीं। लेकिन हाथरस की घटना ने जनमानस को झकझोर कर रख दिया। दुष्कर्म पीड़िता के साथ पूर्वांचल भी उठ खड़ा हुआ है। जिलों में भारी विरोध प्रदर्शन हुए। आंदोलनकारियों को रोकने में पुलिस के पसीने छूट गए। महिला संगठन, छात्र, राजनीतिक दल एक ही सुर में आवाज बुलंद करते नजर आए।

वाराणसी। हाथरस में युवती के साथ हुई गैंग रेप की घटना के बाद पीड़िता के शव का चुपके से दाह संस्कार करने की घटना से पूरे प्रदेश में उबाल है। पूर्वांचल के लोग भी खासे आहत हैं। बुधवार को वाराणसी और आसपास के जिलों की अबोहवा दिनभर गर्म की रही। जगह जगह महिलाओं और बेटियों ने अपना आक्रोश व्यक्त किया तो सियासी दल भी पीछे नहीं रहे। घटना को लेकर भारी उबाल के बीच धरना-प्रदर्शन कर लोगों ने सरकार और पुलिस प्रशासन के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए और सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। प्रधानमंत्री से संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विरोध से स्वर सर्वाधिक मुखर हुए। पुलिस के साथ नोकझोेंक की घटनाएं भी हुईं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वाराणसी में प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय में ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों को फांसी देने और पीड़ित परिवार को एक करोड़ मुआवजा देने की मांग की। पुलिस प्रशासन और प्रदेश सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए एसीएम कार्यालय पहुंचे कांग्रेस कार्यकताओं से पुलिस की हल्की झड़प भी हुई। कांग्रेस नेता गिरीश कुमार दुबे ने कहा कि दलित युवती के साथ गैंग रेप के बाद अस्पताल में भर्ती कराने से लेकर उसकी मौत के बाद चुपके से दाह संस्कार करने तक को लेकर सरकार और पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। अब दोषियों को सीधे फांसी पर लटका देना चाहिए। इस अवसर पर राजेश्वर पटेल, राघवेंद्र चैबे, मनीष चैबे, मयंक चैबे इत्यादि सैकडों लोग मौजूद रहे।

बलात्कारियों को सजा दिलाने सड़क पर उतरीं महिलाएं

रोहनियां क्षेत्र में दुष्कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर दूसरे दिन भी सैकड़ों युवतियां व महिलाएं सड़क पर उतरीं। लोक समिति के बैनर तले महिलाओं ने आरोपितों को कठोर सजा देने की मांग को लेकर रैली निकाली। महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की। दिल दहला देने वाली घटना से क्षुब्ध महिलाएं दुष्कर्मियों को फाँसी दो, महिला हिंसा बंद करो, छेड़खानी पर रोक लगाओ, चुप नहीं रहना है, हिंसा नही सहना है भ्रष्ट सरकार होश में आओ, महिलाओं को सुरक्षा दो के आदि जोरदार नारे लगाए। लोक समिति के संयोजक नन्दलाल मास्टर ने कहा कि हाथरस में दरिंदों की शिकार हुई बेटी ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। दरिंदों ने युवती से सिर्फ गैंगरेप ही नहीं किया बल्कि ऐसी हैवानियत की कि दिल्ली के निर्भया मामले की याद लोगों की जेहन में ताजा हो गईं। यूपी में कानून व्यवस्था हद से ज्यादा बिगड़ चुकी है। इस दौरान संगठन की संयोजिका अनीता पटेल किशोरी संगठन की संयोजिका सोनी सहित सैकडों महिलाएं मुखर रहीं।


मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने जा रहे छात्रों की पुलिस से नोकझोंक
महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ के छात्रसंघ अध्यक्ष संदीप कुमार यादव संग छात्र नेताओं ने हाथरस में युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के विरोध में प्रदेश की कानून व्यवस्था दुरुस्त करने और हाथरस की बेटी के न्याय के लिए धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंकने का भी प्रयास किया लेकिन पुलिस ने छात्रों को ऐसा करने से रोक दिया गया और धरने पर बैठे छात्रों को वहां से हटा दिया गया, जिसमें छात्रों और पुलिस प्रशासन में नोकझोंक भी हुई। इस दौरान छात्रसंघ अध्यक्ष संदीप यादव ने प्रदेश सराकर पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में बेटियां सुरक्षित नही हैं और कोई अपनी बात कहता है तो उसको दबाने का प्रयास किया जाता है। इस दौरान अनिल यादव (पूर्व महामंत्री), राहुल सोनकर, अभिषेक यादव, अर्श अहमद, आनंद यादव, शिवम यादव, राहुल सिंह, जय यादव आदि छात्र मौजूद रहे।

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