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जांच में सही मिली मुगलसराय पुलिस की अवैध वसूली लिस्ट

चंदौली। मुगलसराय कोतवाली को मलाईदार ऐसे ही नहीं माना जाता। अवैध कमाई के बेहिसाब रास्ते भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को ललचाते रहते हैं। बहरहाल कुछ दिनों पहले एक पन्ने की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसे मुगलसराय कोतवाली पुलिस की वसूली लिस्ट कहा गया। दावा किया गया कि पुलिस प्रतिमाह 35 से 50 लाख रुपये की अवैध वसूली करती है। वरिष्ठ आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने अपने फेसबुक वाल पर इसे पोस्ट किया तो महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी चंदौली ने विभागीय जांच बैठा दी। विजिलेंस ने भी अपने स्तर से जांच शुरू कर दी। कुछ दिनों के बाद कोतवाल शिवानंद मिश्रा को लाइन हाजिर कर दिया गया। बहरहाल ताजा खबर यह कि मामले की जांच कर रहे सतर्कता अधिष्ठान के संयुक्त निदेशक एलआर कुमार ने अपनी जांच पूरी कर ली है। उन्होंने इंस्पेक्टर और उनके कुछ सहयोगी पुलिसकर्मियों द्वारा अवैध वसूली की पुष्टि की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मुगलसराय कोतवाल रहे शिवानंद मिश्रा का स्थानांतरण आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन लखनऊ कर दिया गया है।
मुगलसराय पुलिस की कथित अवैध वसूली लिस्ट वायरल होने के बाद शासन ने 26 सितंबर को मामले की जांच सतर्कता अधिष्ठान को सौंप दी। अधिष्ठान के संयुक्त निदेशक एलआर कुमार जांच पड़ताल के बाद पुष्टि कर दी कि इंस्पेक्टर और उनकी नजदीकी सहयोगी वसूली करते थे। लिस्ट में जिन लोगों का नाम शामिल है वह अवैध गतिविधियों के एवज में पुलिस को अच्छी खासी रकम देते थे। बहरहाल इंस्पेक्टर के करीबियों में खलबली मची हुई है। माना जा रहा है कि कुछ और पुलिसकर्मी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।

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