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शराब तस्करों ने की थी आरपीएफ जवानों की हत्या, गाजीपुर पुलिस ने चार को पकड़ा, मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में लगी गोली, चंदौली से लोड हुई थी शराब, पढ़िए वारदात के पीछे की कहानी

चंदौली/गाजीपुर। बिहार के शराब तस्करों ने ही विगत दिनों आरपीएफ के दो आरक्षियों की हत्या की थी। पुलिस और एसटीएफ की टीम ने चार तस्करों को पकड़ लिया। मृतकों के सामान की बरामदगी के लिए पुलिस एक बदमाश को घटना स्थल पर ले गई तो उसने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारकर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। घटना में शामिल अन्य तस्करों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। तस्करों के पास से सरकारी पिस्टल भी बरामद की गई।

तस्करों ने ट्रेन में की आरपीएफ के दो जवानों की हत्या
गहमर थानाध्यक्ष अशोक मिश्रा ने बताया कि विगत दिनों बाड़मेर गुवाहाटी एक्सप्रेस ट्रेन में दो आरपीएफ कर्मियों की हत्या कर दी गई। मामले की पड़ताल के दौरान प्रकाश में आए चार आरोपियों विनय कुमार पुत्र राजू प्रसाद निवासी खगौल रोड विकास कालोनी फुलवारी शरीफ पटना बिहार, प्रेमचंद्र कुमार पुत्र विरेंद्र वर्मा निवासी भगवतीपुर वजीतपुर बिहार, पंकज कुमार पुत्र सालिक राम गिरी निवासी दानापुर बिहार और विलेन्द्र कुमार पुत्र स्व महेंद्र चौधरी निवासी उसरी बाजार शाह पटना बिहार को पुलिस और एसटीएफ की टीम ने पकड़ लिया। जवानों के पर्स और मोबाइल की बरामदगी के लिए एक तस्कर प्रेमचंद कुमार को लेकर पुलिस घटना स्थल पर गई। डाउन लाइन के बगल में झाड़ियों में एक पर्स बरामद हुआ जिसे खोलकर देखा गया जो मृतक जावेद का था। फेंके गए दोनों मोबाइल ढूंढने का प्रयास किया जा रहा था इसी बीच आरोपी प्रेमचंद अचानक उप निरीक्षक सुरेश मौर्य को धक्का देकर उनकी सरकारी पिस्टल छीन कर ट्रैक से नीचे झाड़ियो की तरफ भागने लगा। पुलिस टीम ने पकड़ने का प्रयास किया तो फायर झोंक दिया। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बदमाश के बाएं पैर में गोली मारकर उसे पकड़ लिया।

 

ऐसे दिया गया घटना को अंजाम
पुलिस ने अनुसार घटना वाले दिन तस्करों ने मुगलसराय के विभिन्न दुकानों से शराब खरीदकर पहली खेप डीडीयू जंक्शन के प्लेटफार्म से ट्रेन में लोड की। इसमें आरपीएफ, जीआरपी, टीटी और पेंट्रीकार कर्मियों की मिलीभगत भी शामिल रही। इसके बाद यार्ड में ट्रेन को रोककर वहां से भी शराब चढ़ाई गई। इसी तरह कुछमन और धीना में भी चेनपुलिंग कर ट्रेन रोकने के बाद शराब लोड की गई। तस्करों की संख्या 150 के आस-पास थी। ट्रेन में सादे वेश में सफर कर रहे आरपीएफ कर्मियों प्रमोद और जावेद को शक हुआ तो उन्होंने ट्रेन में तस्करों की खोजबीन शुरू कर दी। एक बोगी में शराब भी बरामद कर ली। पकड़े जाने के डर से तस्करों ने दोनों जवानों को मारने का प्लान बनाया। जवान सादे वेश में थे तो इसका भी तस्करों को फायदा मिला। चोर-चोर का शोर मचाते हुए तस्कर जवानों पर टूट पड़े। कुछ यात्रियों ने मारपीट का वीडियो बनाने का भी प्रयास किया लेकिन तस्करों ने उन्हें सख्ती से मना कर दिया। तस्करों ने पिटाई के साथ आरक्षियों के कपड़े भी फाड़ दिए। इसके बाद एक-एक कर दोनों कर्मियों को ट्रेन से नीचे फेंक दिया।

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