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चंदौली एमपी एमएलए कोर्ट में हाजिए हुए पूर्व मंत्री व सपा विधायक ओमप्रकाश, 20 वर्ष पुराने फूलनदेवी हत्याकांड से जुड़ा है मामाला, जानिए कोर्ट का आदेश

चंदौली। गाजीपुर के जमानिया विधानसभा से सपा विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सिंह शुक्रवार को चंदौली के एमपी/एमएलए कोर्ट में हाजिर हुए। वर्ष 2001 में फूलनदेवी हत्याकांड के विरोध में ट्रेन रोकने पर ओमप्रकाश सिंह सहित सपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ डीडीयू जीआरपी (तब मुगलसराय) थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में हाजिर नहीं होने पर न्यायालय की ओर से ओमप्रकाश सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया किया गया था। विधायक आज कोर्ट में उपस्थित हुए। 25 हजार के निजी मुचलके पर उन्हें अगली तारीख दी गई।

ये है पूरा मामला
वर्ष 2001 में पूर्व दस्यु सुंदरी और तत्कालीन सांसद फूलनदेवी की हत्या के विरोध में सपा ने आंदोलन छेड़ दिया। पूर्व सांसद रहे ओमप्रकाश सिंह तकरीबन पांच सौ कार्यकर्ताओं ने साथ दिलदारनगर स्टेशन पहुंचे और पटरी पर बैठ गए। तब स्टेशन पर ब्रह्मपुत्र मेल और डीएमयू ट्रेनें खड़ी थीं। धरने से रेल का परिचालन काफी देर तक बाधित रहा। दिलदारनगर जीआरपी चौकी डीडीयू जीआरपी थाने से जुड़ी होने के चलते ओमप्रकाश सिंह के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 174 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। तत्कालीन स्टेशन मास्टर श्रीराम तिवारी की तहरीर पर यह कार्रवाई की गई। यह मामला चंदौली के एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट से तारीख पर तारीख मिलती गई लेकिन ओमप्रकाश सिंह हाजिर नहीं हो रहे थे। तब कोर्ट ने कड़ा एक्शन लेते हुए विधायक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। शुक्रवार को ओमप्रकाश सिंह अपने अधिवक्ताओं के साथ न्यायालय में हाजिर हुए। न्यायालय के आदेशों की अवहेलना पर 25 हजार का निजी बांड जमा किया। इसके बाद उन्हें कोर्ट से अगली तारीख मिल गई।

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