
संवाददाता: बाबू चौहान
चंदौली। विकासखंड शहाबगंज क्षेत्र में बिजली व्यवस्था की बदहाली ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भूसी-भोड़सर फीडर पिछले करीब तीन महीनों से खराब पड़ा है, जिसके कारण भोड़सर, भूसी, गोविंदपुर, केरायगांव, अमांव समेत दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति चरमराई हुई है।
स्थिति को संभालने के लिए पूरे क्षेत्र की सप्लाई शहाबगंज फीडर से जोड़ दी गई है, लेकिन यह अस्थायी व्यवस्था अब नई समस्या बनती जा रही है। करीब तीन दर्जन गांवों की बिजली एक ही फीडर पर निर्भर होने से आए दिन फॉल्ट हो रहा है, जिससे घंटों बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। हालात ऐसे हैं कि पंखे तक ठीक से नहीं चल पा रहे हैं और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों में आक्रोश, अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों—अजय प्रजापति, धर्मेंद्र चौहान, अरविंद चौहान, रमेश प्रजापति, प्रेम केशरी और गौतम प्रजापति—का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद बिजली विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं हैं। अवर अभियंता (जेई) संजीव कुमार से संपर्क करना भी मुश्किल है और यदि बात हो जाती है तो हर बार “मामला संज्ञान में है” कहकर टाल दिया जाता है।
खेती, पढ़ाई और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
बिजली संकट का असर अब जीवन के हर क्षेत्र पर पड़ रहा है। सिंचाई कार्य बाधित हो रहे हैं, अस्पतालों में इलाज प्रभावित है, वहीं स्कूलों और पोस्ट ऑफिस का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। बच्चों की पढ़ाई और किसानों की फसल दोनों ही इस समस्या से जूझ रहे हैं।
आंदोलन की चेतावनी
लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भूसी-भोड़सर फीडर की मरम्मत कर स्वतंत्र बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
फीडर की खराबी की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है और फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था से बिजली आपूर्ति जारी है। संजीव कुमार अवर अभियंता

