
चंदौली। दवाओं से असाध्य बांझपन के इलाज का दावा कर सोशल मीडिया पर चर्चा में आए चंदौली के एक चर्चित चिकित्सक के अस्पताल से जुड़ी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अस्पताल में प्रसव की संख्या लगातार घटती जा रही है। प्रसव से जुड़े ये आंकड़े खुद अस्पताल के चिकित्सक द्वारा सीएमओ के प्राइवेट नर्सिंग होम ग्रुप में साझा किए गए हैं।
दरअसल, जिले में जन्मदर पर नजर रखने के लिए सीएमओ की ओर से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इस ग्रुप में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ निजी अस्पतालों के संचालक और चिकित्सक भी जुड़े हुए हैं। सभी अस्पतालों को प्रत्येक माह के अंत तक अपने यहां कराए गए प्रसव की संख्या की जानकारी साझा करनी होती है।
इसी क्रम में सोशल मीडिया पर चर्चित डॉक्टर के अस्पताल के आंकड़े भी सामने आए हैं। अस्पताल में अक्टूबर माह में 52 प्रसव हुए थे, जो नवंबर में घटकर 47 रह गए। वहीं जनवरी में यह संख्या और गिरकर 37 पर पहुंच गई।
इन आंकड़ों से यह सवाल उठने लगा है कि अस्पताल में मरीजों की भीड़ और प्रसव के आंकड़े एक-दूसरे से मेल क्यों नहीं खा रहे हैं। चर्चा यह भी है कि मरीजों की भीड़ का फायदा उठाकर अस्पताल प्रबंधन दवाओं और इमरजेंसी में डॉक्टर को दिखाने के नाम पर मरीजों से अच्छी-खासी रकम वसूल रहा है।

