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CHANDAULI NEWS: चंदौली के नाम को लेकर एकमत नहीं सांसद व विधायक, वाराणसी देहात, कीनाराम नगर या वाराणसी गंगापार क्या होगा जिले का नया नाम

चंदौली। जिले के सांसद व केंद्रीय मंत्री डा. महेंद्र नाथ पांडेय ने चंदौली का नाम बदलकर वाराणसी देहात रखने की बात कहकर सियासत को नई हवा दी थी। इसके बाद सत्ता पक्ष के दो और विधायक इस होड़ में शामिल हो गए। पिछले दिनों ही सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने सीएम से मिलकर जिले का नाम बाबा कीनाराम के नाम पर रखने की मांग की। जबकि एक दिन पहले ही मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल नाम बदलने की इस मुहिम में शामिल हो गए। विधान सभा में चंदौली का नाम वाराणसी गंगापार रखने की वकालत की। लब्बोलुआब यह कि जिले के नाम को लेकर सत्तापक्ष ने जनप्रतिनिधि ही एकमत नजर नहीं आ रहे।

 

शहरों और प्रमुख स्थानों का नाम बदलना बीजेपी सरकार के एजेंडे में शामिल है। जिले की बात करें तो यहां मुगलसराय का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर काफी पहले ही किया जा चुका है। अब जिले का नाम बदले जाने की चर्चा ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। कारण यहां के जनप्रतिनिधि ही इस हवा को नित नई दिशा दे रहे हैं। लेकिन दिलचस्प यह कि तीन जनप्रतिनिधि तीन नए नामों का प्रस्ताव रख चुके हैं। यानी नाम को लेकर तीनों एकमत नहीं है। तीनों का अपना अलग तर्क और अलग दलील है। सांसद डा. महेंद्रनाथ पांडेय इच्छा जाहिर कर चुके हैं कि कानपुर देहात की तर्ज पर वाराणसी का हिस्सा रहे चंदौली का नाम चंदौली देहात किया जाए तो बेहतर होगा। वहीं सैयदराजा विधायक का मानना है कि सिद्धपुरुष बाबा कीनाराम की तपोस्थली होने के कारण उन्हीं के नाम पर जिले का नया नामकरण होना चाहिए। वहीं मुगलसराय विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जोड़ते हुए जिले का नाम वाराणसी गंगापार करने की मांग कर दी है। देखना दिलचस्प होगा कि सीएम किसके सुझाव पर गंभीरता दिखाते हैं।

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