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Chandauli News: मुगलसराय में कॉल सेंटर चला रहे थे अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड, मैनेजर समेत पांच गिरफ्तार, 19 मॉनिटर, 20 सीपीयू, लैपटॉप व छह मोबाइल बरामद

जापानी नागरिकों को तकनीकी सहायता के नाम पर बनाते थे शिकार चाइनीज म्यूल खातों में ट्रांसफर कराते थे रकम, आरोपी के दो बैंक खातों में करीब नौ लाख रुपये फ्रीज कैलाशपुरी स्थित भवन की तीसरी मंजिल पर चल रहा था कथित साइबर कॉल सेंटर स्वाट, सर्विलांस, साइबर टीम और मुगलसराय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई कॉल सेंटर का मैनेजर समेत पांच आरोपी गिरफ्तार, तीन अन्य नामजद आरोपियों की तलाश जारी जापान के बुजुर्ग और तकनीकी जानकारी में कमजोर लोगों को बनाते थे निशाना, विदेशी नंबर की आड़ में तकनीकी सहायता के नाम पर करते थे ठगी

  • जापानी नागरिकों को तकनीकी सहायता के नाम पर बनाते थे शिकार
  • चाइनीज म्यूल खातों में ट्रांसफर कराते थे रकम, आरोपी के दो बैंक खातों में करीब नौ लाख रुपये फ्रीज
  • कैलाशपुरी स्थित भवन की तीसरी मंजिल पर चल रहा था कथित साइबर कॉल सेंटर
  • स्वाट, सर्विलांस, साइबर टीम और मुगलसराय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
  • कॉल सेंटर का मैनेजर समेत पांच आरोपी गिरफ्तार, तीन अन्य नामजद आरोपियों की तलाश जारी
  • जापान के बुजुर्ग और तकनीकी जानकारी में कमजोर लोगों को बनाते थे निशाना, विदेशी नंबर की आड़ में तकनीकी सहायता के नाम पर करते थे ठगी

चंदौली। स्वाट, सर्विलांस, साइबर टीम और मुगलसराय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कैलाशपुरी क्षेत्र में संचालित कथित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य आरोपियों को नामजद किया गया है। प्रारंभिक जांच में गिरोह के जापान के नागरिकों को तकनीकी सहायता के नाम पर निशाना बनाने की बात सामने आई है।

पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि कैलाशपुरी में एक शोरूम के समीप स्थित भवन की तीसरी मंजिल पर संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। भवन के अंदर कई कंप्यूटर सिस्टम पर विदेशी भाषा में कॉल चलती मिली। जांच के दौरान साइबर ठगी से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक और अन्य साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार रौनक सिंह कॉल सेंटर का मैनेजर बताया गया है। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में रोशन कुमार, अमन कुमार, अंकित कुमार और विकास वैभव शामिल हैं। वहीं, गिरोह के मुख्य संचालक समेत तीन अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने जापानी भाषा सीखी थी और विदेशी नागरिकों को तकनीकी समस्या का झांसा देकर उनसे संपर्क करते थे। रिमोट एक्सेस के माध्यम से पीड़ितों के कंप्यूटर और बैंकिंग संबंधी जानकारी तक पहुंच बनाने के बाद रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कराने का आरोप है। पुलिस के अनुसार गिरोह में दूसरे राज्यों और विदेश से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

कार्रवाई के दौरान एक आरोपी रौनक सिंह के दो बैंक खातों में करीब नौ लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं। पुलिस बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच करा रही है। जांच में ठगी की कुल रकम, पीड़ितों की संख्या और रकम के अंतिम लाभार्थियों के संबंध में और तथ्य सामने आने की संभावना है।

यह हुई बरामदगी

19 मॉनिटर, 20 सीपीयू, 19 की-बोर्ड, 18 माउस, 18 हेडफोन, तीन लैपटॉप, छह मोबाइल फोन, चार राउटर/नेटवर्किंग उपकरण और पांच कूटरचित आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। मामले में मुगलसराय थाने में बीएनएस की संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और गिरोह के नेटवर्क की जांच में जुटी है।

 

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