
चंदौली। चकिया ब्लॉक अंतर्गत महादेवपुर कला ग्राम पंचायत का प्रेमापुर गांव आज भी विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह कटा हुआ नजर आता है। हैरानी की बात यह है कि ब्लॉक मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह गांव बदहाली का शिकार है, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। गांव की अधिकांश गलियां जर्जर हालत में हैं, जगह-जगह कीचड़ और गड्ढों के कारण लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। वहीं जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बरसात के दिनों में पानी घरों तक घुस जाता है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
करीब 1200 की आबादी वाले इस गांव में नाली, सड़क, साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से विकास कार्यों के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिलते रहे हैं। गांव के लोग यह तक कहने लगे हैं कि विकास क्या होता है, इसका एहसास उन्हें आज तक नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का आरोप है कि न तो क्षेत्रीय विधायक, न जिला पंचायत सदस्य और न ही ग्राम प्रधान गांव की समस्याओं को गंभीरता से ले रहे हैं।
लंबे समय से उपेक्षा झेल रहे प्रेमापुर गांव के लोगों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति खासा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द गांव में सड़क निर्माण, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था कराई जाए, ताकि उन्हें भी विकास का लाभ मिल सके।

