
चंदौली। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जरूरतमंद महिला की समय पर मदद कर उसकी और नवजात शिशु की जान बचाई। ऑपरेशन मातृ शक्ति के तहत आरपीएफ की मेरी सहेली टीम और रेलवे चिकित्सक डॉ यशी त्रिपाठी के सहयोग से डीडीयू जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर ही सुरक्षित प्रसव कराया गया।
शुक्रवार की रात्रि, जब आरपीएफ पोस्ट डीडीयू की उप निरीक्षक सरिता गुर्जर, उप निरीक्षक राहुल कुमार एवं सहायक उप निरीक्षक राकेश कुमार सिंह स्टेशन परिसर में गश्त एवं चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या 2 पर एक महिला यात्री को तेज प्रसव पीड़ा में देखा गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मेरी सहेली टीम की उप निरीक्षक सरिता गुर्जर ने तुरंत प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ प्रदीप कुमार रावत को सूचना दी।
सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक के निर्देश पर व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की व्यवस्था कराई गई तथा लोको अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. यशी त्रिपाठी को तत्काल मौके पर बुलाया गया। डॉ. यशी के पहुंचते ही मेरी सहेली टीम के सहयोग से प्लेटफॉर्म पर ही सुरक्षित प्रसव कराया गया, जहां महिला ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
प्रसव कराने वाली महिला की पहचान मानामति बिंद (27 वर्ष), पत्नी मुकेश बिंद, निवासी पकौरा, नेतौल, पटना (बिहार) के रूप में हुई है। महिला के पति ने बताया कि वे ट्रेन संख्या 15744 डाउन से साहेबगंज से पटना जा रहे थे, इसी दौरान उनकी पत्नी को अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी, जिस पर वे डीडीयू स्टेशन पर उतर गए।
गौरतलब है कि बीते तीन दिनों में मेरी सहेली टीम द्वारा डीडीयू स्टेशन पर यह दूसरा सुरक्षित प्रसव कराया गया है। इस सराहनीय कार्य के लिए स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने आरपीएफ और डॉ. यशी त्रिपाठी की जमकर प्रशंसा की।

