
चंदौली। यूजीसी एक्ट/बिल के विरोध में चंदौली जनपद में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा (युवा) के बैनर तले सवर्ण समाज के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी धरना स्थल पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी बिल को “काला कानून” करार देते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
धरना प्रदर्शन के बाद आक्रोशित हुजूम जिलाधिकारी कार्यालय की ओर कूच कर गया और कलेक्ट्रेट का घेराव किया। इस दौरान प्रशासन विरोधी नारे भी लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर यूजीसी बिल को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यूजीसी एक्ट/बिल शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक संतुलन के खिलाफ है। यह केवल सवर्ण समाज ही नहीं, बल्कि पूरे देश के छात्रों और शिक्षण संस्थानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक यह काला कानून वापस नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, युवा मोर्चा अध्यक्ष अखिलेश सिंह शांडिल्य ने कहा कि सरकार बिना समाज से संवाद किए ऐसे बिल ला रही है, जो युवाओं के हितों पर सीधा प्रहार है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का युवा मोर्चा सड़क से लेकर सदन तक इस बिल का विरोध करेगा और आवश्यकता पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

चंदौली और चकिया में अधिवक्ताओं ने बुलंद की आवाज
नए यूजीसी बिल के विरोध में अधिवक्ताओं ने भी अपनी आवाज बुलंद करते हुए चंदौली और चकिया में प्रशासनिक अधिकारियों को पत्रक सौंपा। जनपद के वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष कुमार पाठक एडवोकेट ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रभारी एसडीएम पवन कुमार यादव को सौंपा। वहीं चकिया में भी उप जिलाधिकारी को यूजीसी बिल को “काला कानून” बताते हुए पत्रक दिया गया।

