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चंदौलीप्रशासन एवं पुलिसराज्य/जिला

आखिरकार बर्खास्त हो गया चंदौली पुलिस का चर्चित सिपाही, कारनामे जान रह जाएंगे दंग

पूर्वांचल टाइम्स विशेष

जय तिवारी की रिपोर्ट

चंदौली। आखिरकार चंदौली पुलिस के चर्चित सिपाही अनिल कुमार सिंह को एसपी अमित कुमार ने सेवा से बर्खास्त कर दिया। मुगलसराय कोतवाली में नियुक्ति के दौरान अनिल पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे। वर्ष 2012 में तत्कालीन एएसपी रामचंद्र ने इसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था। मुगलसराय-चकिया तिराहे पर वाहन चालकों से वसूली करते वीडियो वायरल होने के बाद अनिल चर्चा में आया और कई दफा निलंबित भी हुआ। मुगलसराय पुलिस की अवैध वसूली लिस्ट वायरल करने के पीछे भी अनिल का हाथ बताया जाता है। इसी मामले में तत्कालीन कोतवाल शिवानंद मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। सीओ सदर रहे त्रिपुरारी पांडेय ने अनिल सिंह के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की थी। अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन अनिल कुमार इस मामले की जांच कर रहे थे। उन्होंने मुख्य आरक्षी अनिल सिंह पर लगे भ्रष्टाचार और पब्लिक के साथ दुव्र्यवहार के आरोपों की पुष्टि की। एसपी चंदौली ने आरोपित को 15 दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा। लेकिन उसने एसपी के समक्ष अपना पक्ष नहीं रखा। लिहाजा अनिल कुमार सिंह को बर्खास्त करने का निर्देश जारी कर दिया गया। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में भूचाल आया हुआ है।


पुलिस महकमे में खलबली मचाने वाले मुख्य आरक्षी अनिल कुमार सिंह पर आखिरकार गाज गिर ही गई। अपने कारनामों को लेकर चर्चा में रहने वाले इस सिपाही को बर्खास्त कर दिया गया है। कुछ वर्ष पहले तत्कालीन रेलवे चाौकी प्रभारी राजनारायण पांडेय का घूस लेते वीडियो हुआ था, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। मुगलसराय पुलिस की वसूली लिस्ट भी वायरल हुई थी, जिसने पूरे प्रदेश में भूचाल ला दिया था। इन दोनों प्रकरणों के पीछे अनिल सिंह का हाथ बताया जाता है। अनिल खुद भी भ्रष्टाचार के आरोपों में कई दफा निलंबित रहा। वर्ष 2003 में राजस्थान रोडवेज की बस में लूट की घटना में शामिल होने के आरोपों में भी इसे निलंबित कर दिया गया। अनिल पर आरोप लगे कि मुगलसराय कोतवाली में ड्यूटी के दौरान रात्रि में रास्ते पर कांटा लगाकर ट्रकों को रोक देता था और बाद में चालकों से वसूली करता था। इसके खिलाफ भ्रष्टाचार के कई मुकदमे दर्ज किए गए। जनता के साथ दुव्र्यवहार और पुलिस की छवि खराब करने के गंभीर आरोपों पर भी विभाग ने कार्रवाई की। फरवरी 2020 में अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन वीरेंद्र कुमार यादव को अनिल पर लगे आरोपों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। उनके स्थानांतरण के बाद जांच अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन अनिल कुमार को आवंटित कर दी गई। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद एसपी ने अनिल सिंह को बर्खास्त कर दिया। अनिल के साथ ही एक मामले में दोषी रहे आरक्षी अरूण सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। उसे न्यूनतम वेतन देने संबंधी आदेश जारी किया गया है।

आरोपों को बताया निराधार, आईजी के समक्ष करेंगे पक्ष
मुख्य आरक्षी अनिल सिंह ने पूर्वांचल टाइम्स से बातचीत में खुद पर लगे आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने आईजी के समक्ष अपना पक्ष रखने की बात कही है। अनिल ने बताया कि पुलिस महकमे के ही कुछ अधिकारियों ने व्यक्तिगत खुन्नस निकालने के लिए उनकी शिकायत की। जनता की ओर से आरोप नहीं लगाए गए हैं ना ही इस मामले में कोई साक्ष्य या गवाह मिला है। कहा कि उच्चाधिकारियों और न्यायालय से न्याय की उम्मीद है।

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