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Chandauli News : चंदौली में आइएसओ प्रमाणित होंगी ग्राम पंचायतें, मानकों पर खरा उतरने पर मिलेगा प्रमाण पत्र

चंदौली। जनपद की ग्राम पंचायतों को अब अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसके तहत विकास और प्रशासनिक मानकों को पूरा करने वाली पंचायतों को आइएसओ (अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन) प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए आवेदन लेने की शुरुआत कर दी गई है, जिसमें ग्राम पंचायतों को प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए तय मानकों पर खरा उतरना होगा। पंचायतों के मूल्यांकन के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है, जो स्थलीय निरीक्षण कर मानकों की जांच करेगी।

 

आइएसओ प्रमाणन की प्रक्रिया

जनपद में कुल 734 ग्राम पंचायतें हैं, जहां विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत विकास कार्य कराए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य इन पंचायतों को आइएसओ प्रमाणित बनाकर उनके संचालन में पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ाना है। इसके लिए पंचायतों से आवेदन लिए जाएंगे, जिसके बाद एक निरीक्षण टीम द्वारा पंचायतों का स्थलीय अवलोकन किया जाएगा।

 

आइएसओ प्रमाणन केवल उन्हीं ग्राम पंचायतों को मिलेगा, जो निर्धारित 10 मानकों पर पूरी तरह से खरी उतरेंगी। पंचायतों को आवेदन जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में जमा करना होगा। निरीक्षण टीम ग्राम पंचायत का दौरा करेगी और रिपोर्ट तैयार करेगी। यदि रिपोर्ट में सभी मानक पूरे पाए जाते हैं, तो संबंधित ग्राम पंचायत को आइएसओ प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

 

ग्राम पंचायतों को करना होगा इन मानकों का पालन

आइएसओ प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए ग्राम पंचायतों को निम्नलिखित मानकों को पूरा करना अनिवार्य होगा:

  1. मॉडल पंचायत भवन और जन सेवा केंद्र – पंचायत में एक सुव्यवस्थित पंचायत भवन होना चाहिए, जहां जन सेवा केंद्र कार्यरत हो।
  2. पर्याप्त मानव संसाधन – ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सचिव, पंचायत सहायक और सफाई कर्मचारी नियुक्त होने चाहिए।
  3. रिकॉर्ड संरक्षित रखने की व्यवस्था – पंचायत के सभी प्रशासनिक और वित्तीय रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
  4. सुविधाजनक पंचायत सचिवालय – पंचायत सचिवालय में महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए।
  5. पर्याप्त वित्तीय संसाधन – ग्राम पंचायत के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होने चाहिए, जिससे विकास कार्य बिना किसी बाधा के जारी रह सकें।
  6. पुरस्कार प्राप्ति – पंचायत को पिछले एक या दो वर्षों में राष्ट्रीय या राज्य स्तर पर किसी सम्मान या पुरस्कार से सम्मानित किया गया हो।
  7. योजनाओं की जानकारी – ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की संपूर्ण जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे योजनाओं का सही क्रियान्वयन कर सकें।

 

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

जिला पंचायत राज अधिकारी नीरज सिन्हा ने बताया कि सभी ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों को निर्देश दिया गया है कि वे आइएसओ प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करें। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी ग्राम पंचायतों के लिए प्रमाणन अनिवार्य है, और मानकों पर खरा न उतरने पर पंचायत अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इस पहल से ग्राम पंचायतों के संचालन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। साथ ही, यह ग्रामीण विकास को भी नई दिशा देने में मददगार साबित होगी।

 

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