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Chandauli News : कातिल बने मिट्टी खनन में लगे ट्रैक्टर, लगातार हो रहे हादसे, लोको पायलट को रौंदा, मौत

टोटो से जा रहे थे रनिंग रूम, ट्रैक्टर के धक्के से दूर जा गिरा रिक्शा चालक, बच गई जान कानपुर से विक्रमशिला एक्सप्रेस लेकर डीडीयू जंक्शन पहुंचे थे एलपीएम विजय कुमार घटना की छानबीन कर रही पुलिस, दो माह में ट्रैक्टर से यह तीसरी घटना

चंदौली, एक्सीडेंट, लोको पायलट की मौत
  • टोटो से जा रहे थे रनिंग रूम, ट्रैक्टर के धक्के से दूर जा गिरा टोटो चालक, बच गई जान कानपुर से विक्रमशिला एक्सप्रेस लेकर डीडीयू जंक्शन पहुंचे थे एलपीएम विजय कुमार घटना की छानबीन कर रही पुलिस, दो माह में ट्रैक्टर से यह तीसरी घटना
  • टोटो से जा रहे थे रनिंग रूम, ट्रैक्टर के धक्के से दूर जा गिरा रिक्शा चालक, बच गई जान
  • कानपुर से विक्रमशिला एक्सप्रेस लेकर डीडीयू जंक्शन पहुंचे थे एलपीएम विजय कुमार
  • घटना की छानबीन कर रही पुलिस, दो माह में ट्रैक्टर से यह तीसरी घटना

 

चंदौली। पीडीडीयू नगर के इंडियन इंस्टीच्यूट कालोनी में मालगोदाम रोड पर शुक्रवार की रात बेकाबू ट्रैक्टर-ट्राली ने लोको पायलट को रौंद दिया। इससे गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं रिक्शा चालक ट्रैक्टर के धक्के से दूर जा गिरे। इससे उसकी जान बच गई। पुलिस घटना की छानबीन में जुटी है। मुगलसराय इलाके में दो माह में ट्रैक्टर-ट्राली से हुई तीसरी घटना से लोगों में आक्रोश है।

कानपुर नगर के अम्बेडकरपुरम, आवास विकास कालोनी निवासी लोको पायलट विजय कुमार (40 वर्ष) गाड़ी संख्या 12368 विक्रमशिला एक्सप्रेस लेकर कानपुर से डीडीयू जंक्शन आए थे। गाड़ी खड़ी कर ड्यूटी देने के लिए रिक्शा से रनिंग रूम जा रहे थे। उसी दौरान मालगोदाम रोड पर विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्राली ने टोटो में टक्कर मार दी। इससे विजय कुमार व टोटो चालक दोनों सड़क पर गिर पड़े। ट्रैक्टर चालक विजय कुमार को रौंदते हुए आगे निकल गया। वहीं रिक्शा चालक उमाकांत पुत्र स्व दासू राम निवासी डेढ़गावा थाना सकलडीहा (50 वर्ष) दूर गिर गया था, इसलिए उसकी जान बच गई। घटना की सूचना के बाद पहुंचे रेलकर्मियों ने घायल लोको पायलट को पीडीडीयू नगर स्थित अस्पताल पहुंचाया, वहां हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान लोको पायलट की मौत हो गई।

दो माह में तीसरी घटना

मुगलसराय इलाके में गंगा के तराई बेल्ट में मिट्टी का अवैध खनन जारी है। ट्रैक्टर-ट्राली में मिट्टी भरकर ले जाई जाती है। ट्रैक्टर-ट्राली की वजह से अक्सर हादसे होते हैं। दो माह के भीतर यह तीसरी घटना है। पहली घटना पड़ाव पर हुई थी। इसके बाद लोगों ने खूब हो-हल्ला मचाया था। वहीं दूसरी घटना बहादुरपुर में हुई। ट्रैक्टर-ट्राली की चपेट में आने से एक सप्ताह पहले युवक की मौत हो गई। तीसरी घटना में लोको पायलट की जान चली गई।

गंगा के तराई बेल्ट में सक्रिय हैं खनन माफिया

मुगलसराय इलाके में गंगा के तराई बेल्ट में खनन माफियाओं का बोलबाला है। मिट्टी का अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। गंगा किनारे के गावों से जेसीबी से मिट्टी खोदकर ट्रैक्टर-ट्राली से भेजी जाती है। सबकुछ जानते हुए भी खनन, परिवहन विभाग और पुलिस महकमा मूकदर्शक बना हुआ है।

नौसिखियों के हांथों में स्टेयरिंग

ट्रैक्टर-ट्राली चलाने वाले अधिकांश चालक नाबालिग होते हैं। कुछ वयस्क हैं भी तो अनट्रेंड हैं। उनके पास न ड्राइविंग लाइसेंस हैं और न ही ड्राइविंग का लंबा अनुभव, इसकी वजह से अक्सर हादते होते हैं। दरअसल, परिवहन विभाग की ओर ने ट्रैक्टर चालकों की कभी जांच नहीं की जाती है। ऐसे में मौत के सौदागर बनकर ट्रैक्टर-ट्राली बेरोकटोक सड़कों पर दौड़ रहे हैं।

 

 

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