
चंदौली। क्या मेरे भाई को इंसाफ नहीं मिलेगा ? मन ये सोच के बड़ा दुखी है। बड़ा विश्वास था कि न्याय होगा। लेकिन राजनीति की चक्की में सबकुछ पिस गया। ये शब्द हैं प्रतिष्ठित दवा कारोबारी रोहिताश पाल के छोटे भाई सिद्धार्थ पाल के, जो उन्होंने अपने दिवंगत भाई की फोटो के साथ फेसबुक वाल पर लिखे हैं। हालांकि सिद्धार्थ को अभी भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा है।

मुगलसराय के बड़े दवा कारोबारी रोहिताश पाल की हत्या रहस्य बनकर रह गई। दो आईपीएस और पूरी चंदौली पुलिस न तो हत्यारों को पकड़ सकी ना ही घटना का खुलासा कर पाई। आधे अधूरे सुबूतों के साथ जिन लोगों को पकड़ा गया उनको भी बाद में कोर्ट से जमानत मिल गई। रोहिताश पाल का परिवार अभी भी न्याय की आस में कोर्ट कचहरी का चक्कर लगा रहा है। पुलिस की नाकामी और साजिशकर्ताओं का रसूख देखकर डर के साए में जी रहा है। खुलासे में पुलिस फिसड्डी साबित हुई है।

