
चंदौली। बलुआ क्षेत्र के कैथी गांव निवासी बर्खास्त STF सिपाही आलोक सिंह को कफ सिरप तस्करी मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। कई संगीन आरोपों और विवादों में रह चुके आलोक को पहले धमकी, मारपीट और वसूली जैसे मामलों के चलते STF से निकाल दिया गया था। चंदौली पुलिस भी स्थानीय नेटवर्क खंगालने में जुट गई है।
शुरू से विवादों में रहा आलोक
आलोक सिंह का पैतृक घर चंदौली के कैथी गांव में और दूसरा घर लखनऊ के मोतीनगर में है। वर्ष 2006 में प्रयागराज के एक कारोबारी से 4 किलो सोना लूट मामले में आलोक समेत 7 पुलिसकर्मी आरोपी बनाए गए थे। उस समय पुलिस ने 3 किलो सोना बरामद करने का दावा किया था। इस लूटकांड के बाद आलोक और सिपाही सुशील पचौरी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। बाद में कोर्ट के फैसले के बाद 27 सितंबर 2022 को आलोक सिंह को दोबारा सेवा में बहाल किया गया। सेवा में वापसी के बाद भी आलोक पर व्यापारी से लूट और अन्य आपराधिक मामलों में संलिप्तता के आरोप लगे, जिसके कारण उसे लाइन हाजिर कर दिया गया। इस दौरान उसकी नजदीकियां पूर्व सांसद धनंजय सिंह से बढ़ीं और वह रियल एस्टेट व अन्य कारोबार में उतरकर करोड़ों की संपत्ति बनाने लगा।
चंदौली पुलिस खंगाल रही कनेक्शन
चंदौली अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर ने बताया कि कफ सिरप तस्करी मामले में गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस आलोक के स्थानीय कनेक्शन, सहयोगियों और पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है।

