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चंदौली न्यूज : डिजिटल क्रॉप सर्वे के विरोध में पंचायत सहायकों का धरना, मानदेय का मुद्दा उठाया

चंदौली। डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पंचायत सहायकों से कराए जाने के विरोध में बुधवार को धानापुर और सकलडीहा के पंचायत सहायकों ने संयुक्त रूप से तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। धानापुर पंचायत सहायक संघ के अध्यक्ष जयप्रकाश यादव और सकलडीहा पंचायत सहायक संघ के अध्यक्ष मुकेश कुमार यादव के नेतृत्व में सभी पंचायत सहायकों ने तहसीलदार सकलडीहा को एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।

 

धरना दे रहे पंचायत सहायकों का कहना था कि वे पंचायती राज विभाग के कर्मचारी हैं और उनकी नियुक्ति पंचायत सहायक, अकाउंटेंट-कम-डेटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में ग्राम पंचायत से संबंधित कार्यों के लिए हुई है। ऐसे में उनसे अन्य विभागों के कार्य कराना अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दिनों उन्हें आयुष्मान कार्ड, फैमिली आईडी और घर-घर सर्वे जैसे कार्यों में लगाया गया और अब कृषि विभाग के डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम भी उन पर थोपा जा रहा है, जबकि यह कार्य लेखपालों की जिम्मेदारी है।

पंचायत सहायकों ने अपने मानदेय को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि उनका मानदेय केवल 200 रुपये प्रतिदिन है, जो मनरेगा मजदूरों से भी कम है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सर्वे के दौरान किसी पंचायत सहायक की सर्पदंश या अन्य कारण से मृत्यु हो जाए, तो उनके परिवार की देखभाल के लिए कोई बीमा व्यवस्था नहीं है। यहां तक कि कार्य के दौरान चोट या बीमारी होने पर इलाज के लिए उनका आयुष्मान कार्ड भी नहीं बना है। वहीं, जिनकी सैलरी 40 से 50 हजार रुपये है, उनके आयुष्मान कार्ड सरकार द्वारा बनवाए गए हैं।

 

पंचायत सहायकों ने मांग की कि उनसे केवल उनके विभाग का ही काम लिया जाए और मानदेय के साथ सुरक्षा व बीमा सुविधाएं भी दी जाएं। धरना स्थल पर मौजूद पंचायत सहायक संघ के उपाध्यक्ष अनिल पासवान, प्रेमलता खरवार, अखिलेश यादव, शनि कुमार, दीपक यादव, संतोष यादव, प्रवीण कुमार, सुप्रभात कुशवाहा, विपिन यादव, ब्यूटी सिंह, रवीता मिश्रा, सुजीत यादव, जय पांडेय, चंदन कनौजिया, शिल्पी, सना सहित अन्य पंचायत सहायक ने भी एकजुट होकर समर्थन किया।

 

तहसीलदार सकलडीहा संदीप श्रीवास्तव, एडीओ पंचायत सकलडीहा बजरंगी पांडेय, एडीओ पंचायत धानापुर राकेश दीक्षित और ब्लॉक प्रमुख धानापुर अजय सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए पंचायत सहायकों ने अपनी बात रखी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और समस्याओं को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।

 

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