
चंदौली। मोहरगंज में हुए बम ब्लास्ट प्रकरण से चर्चा में आई खुशबू किन्नर उर्फ नौशाद अली और उसके कथित मददगार पुलिसकर्मियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मामले में बलुआ थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि मामले में एकतरफा कार्रवाई के बदले बड़ी डील की गई थी। मुख्य आरोपी बनाए गए अभिषेक सिंह के परिजनों की ओर दी गई तहरीर पर पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। चंदौली एसपी ने पूरे मामले की जांच बैठा दी है। रिपोर्ट आते ही कार्रवाई तय मानी जा रही।
बताया जा रहा है कि इस मामले को अभिषेक सिंह टिंकू के परिजनों ने सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया, जिसके बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई। फिलहाल बम ब्लास्ट प्रकरण की जांच एडीजी के निर्देश पर जौनपुर पुलिस कर रही है, जबकि अभिषेक सिंह टिंकू के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर पर कार्रवाई न करने के आरोपों की जांच चंदौली पुलिस अधीक्षक करवा रहे हैं। ।
परिजनों का आरोप है कि खुशबू किन्नर उर्फ नौशाद अली उन्हें मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी देकर रंगदारी मांग रही थी। इस संबंध में वे साक्ष्यों के साथ बलुआ थाने पहुंचे थे, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। उनका कहना है कि खुशबू किन्नर ने कुछ प्रभावशाली लोगों की मदद से थाने और चौकी को अपने पक्ष में कर लिया था।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि मोहरगंज स्थित किन्नरों के घर हुए बम धमाके की साजिश भी खुशबू किन्नर ने ही रची थी।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक आदित्य लांघे ने बताया कि अभिषेक सिंह के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

