
चंदौली। मुगलसराय में ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनियों के नाम पर कथित साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। कैलाशपुरी मोड़ स्थित एक बिल्डिंग में साइबर फ्रॉड की गतिविधियां संचालित होने की सूचना पर पुलिस, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस सेल की टीम ने मंगलवार को छापेमारी की। सीओ अरुण सिंह के नेतृत्व में हुई छापेमारी में आधा दर्जन लोगों को पकड़ा गया। मौके से लैपटाप और दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इसका मास्टर माइंड पुलिस के आने की भनक लगते ही फरार हो गया।
पुलिस को शिकायत मिली कि कैलाशपुरी मोड़ स्थित एक बिल्डिंग में ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनियों की आड़ में साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा है। इस पर पुलिस एक्टिव हुई। मंगलवार को सीओ अरूण कुमार सिंह, मुगलसराय थाना प्रभारी अर्जुन सिंह, एसओजी और सर्विलांस टीम ने छापेमारी की। अचानक पुलिस के पहुंचने से मौके पर खलबली मच गई। पुलिस ने मौके से आधा दर्जन जालसाजों को गिरफ्तार किया। वहीं कई लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर साइबर नेटवर्क से जुड़े लोगों और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
ऐसे चलता था नेटवर्क, मास्टरमाइंड फरार
चर्चित ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनियों और उससे मिलती जुलती कंपनियों के नाम पर ऑनलाइन खरीदारी करने वालों को यह गैंग अपनी जाल में फंसाता था। ज्यादातर, विदेशी इसके शिकार होते थे। कैलाशपुरी मोड़ स्थित बिल्डिंग में रात साढ़े नौ बजे से लेकर सुबह पांच से छह बजे तक यह अवैध काम चलता था। इसके लिए पढ़े-लिखे फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाले युवकों को अच्छे मुनाफे का लालच देकर लखनऊ, सिलीगुड़ी, कोलकाता सहित बड़े शहरों से बुलाया जाता था। ज्यादातर आईटी पास युवक इस काम से जुड़े हुए थे। इन युवकों को मुगलसराय में सौम्या टावर, गोविंद वाटिका सहित रवि नगर में ठहराया जाता था। पुलिस के अनुसार गैंग के मास्टरमाइंड की तलाश की जा रही है। सूत्रों की मानें तो गैरजनपद में नियुक्त एक सीओ रैंक की महिला अधिकारी का भी ठगी के इस खेल को संरक्षण प्राप्त था। पुलिस की जांच जारी है। पूछताछ में कई और खुलासे हो सकते हैं।

