
चंदौली। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट न्यायालय, चंदौली ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन परीक्षण करने के बाद पत्रकार शाकिर अंसारी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
यह मामला मुगलसराय थाना क्षेत्र से संबंधित था, जिसमें अभियुक्त के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 504, 506 एवं एससी/एसटी एक्ट की धाराएं लगाई गई थीं।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता जुबैर अहमद, वरिष्ठ अधिवक्ता सरफराज आलम तथा गुलाम रसूल ने प्रभावी पैरवी की। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा, जिसके चलते आरोप प्रमाणित नहीं हो सके।
न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि आपराधिक मामलों में जब तक आरोप ठोस एवं स्पष्ट साक्ष्यों से सिद्ध न हों, तब तक आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। फैसले के बाद पत्रकार शाकिर अंसारी ने इसे न्याय की जीत बताया।

