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चकिया में मनाया गया बाबा साहब का 66 वां परिनिर्वाण दिवस, याद किए गए संविधान निर्माता

REPORTER: मुरली श्याम

चंदौली। चकिया ब्लाक के ग्राम पंचायत सोनहुल में बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर का 66 वां परिनिर्वाण दिवस सोमवार की देर शाम मनाया गया। इस दौरान संविधान निर्माता को याद किया गया। मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संजय यादव ने बाबा साहब की मूर्ति पर माल्यार्पण करने के साथ कैंडल जलाकर उन्हें नमन किया। विशिष्ट अतिथि पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र राव ने भी माल्यार्पण श्रद्धा सुमन अर्पित किया। सोनहुल गांव में क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि लक्ष्मण तथा गांव के संभ्रांत ग्रामीणों के सहयोग से 14 अप्रैल 2010 को बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की मूर्ति स्थापित की गई थी। तब से लेकर आज तक परिनिर्वाण दिवस मनाया जाता है।


प्रमुख प्रतिनिधि संजय यादव ने कहा कि भारतीय संविधान के निर्माता, समाज सुधारक बाबा साहेब आंबेडकर ने छह दिसंबर 1956 को अंतिम सांस ली थी। आज का दिन परिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। आंबेडकर दलित वर्ग को समानता दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र राव ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने सामाजिक छुआ-छूत और जातिवाद के खात्‍मे के लिए काफी आंदोलन किए। उन्‍होंने अपना पूरा जीवन गरीबों, दलितों और समाज के पिछड़े वर्गों के उत्‍थान के लिए न्‍योछावर कर दिया। क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि लक्ष्मण भाई ने कहा डा. आंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश के छोटे से गांव में हुआ था। उनका परिवार मराठी था और मूल रूप से महाराष्‍ट्र के रत्‍नागिरी जिले के आंबडवे गांव से था। उनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता का नाम भीमाबाई था। वे अपने माता-पिता की चौदहवीं संतान थे। इस दौरान ग्राम प्रधान लोकनाथ सिंह, बालकिशुन, भोला, बिहारी, चुलही, होरीलाल, घनश्याम, जीत नारायण, फूलचंद, धनेश उपस्थित रहे। अध्यक्षता गंगाराम और संचालन सुधारे एडवोकेट ने किया।

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