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सकलडीहा विधान सभा में कौन लगाएगा सपा के गढ़ में सेंध, मजबूत उम्मीदवार की तलाश में बीजेपी

चंदौली। यूपी विधान सभा चुनाव की आहट मिलने लगी है। प्रमुख दलों ने शीर्ष नेताओं के दौरे शुरू हो गए हैं। चंदौली में भी भावी प्रत्याशी पूरी ताकत से मैदान में उतर चुके हैं। बसपा और आप ने तो उम्मीदवारों की घोषणा कर अपने इरादे भी साफ कर दिए हैं। अब लोगों की नजर देश की सबसे ताकतवार पार्टी भाजपा के उम्मीदवारों पर टिकी है। शीर्ष दल पर भी पिछले चुनाव की सफलता को दोहराने का भारी दबाव है।

बीजेपी के लिए सकलडीहा विधान सभा बनी चुनौती
2012 में अस्तित्व में आई 381 सकलडीहा  विधान सभा पहले धानापुर विस का हिस्सा थी। निर्दल प्रत्याशी के तौर पर सुशील सिंह यहां पहले विधायक बने। उन्होंने सपा के प्रभुनारायण यादव को शिकस्त दी। हालांकि 2017 में समीकरण पूरी तरह बदल चुके थे। जनता ने सपा और बसपा को नकारने का मन बना लिया था। इसकी एक वजह पीएम नरेंद्र मोदी भी थे, जिनका जादू लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा था। पीएम के सांसदीय क्षेत्र वाराणसी का पड़ोसी चंदौली भी इससे अछूता नहीं था। हुआ भी वही जिसकी उम्मीद की जा रही थी। बीजेपी ने प्रचंड बहुमत के साथ यूपी की सत्ता में वापसी की। चंदौली की तीन विधान सभा सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों ने एकतरफा जीत हासिल की। लेकिन सकलडीहा विधान सभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार सूर्यमुनी तिवारी चारों खाने चित हो गए और सपा के प्रभुनारायण यादव से 14 हजार से भी अधिक मतों के अंतर से चुनाव हार गए। यह पार्टी के लिए बहुत बड़ा झटका था। हालांकि उम्मीद थी कि पार्टी डैमेज कंट्रोल कर लेगी। लेकिन बाद में हुए चुनावों में भी पार्टी को एक के बाद एक झटके लगते गए। जिला पंचायत चुनाव में भी सकलडीहा क्षेत्र में हार का मुंह देखना पड़ा। सकलडीहा विधान सभा के तकरीबन 13 सेक्टरों में महज तीन पर भाजपा प्रत्याशी जीत दर्ज कर सके। धानापुर के चार सेक्टरों में पार्टी का सूपड़ा ही साफ हो गया। दो दफा जिलाध्यक्ष रहे सर्वेश कुशवाहा को भी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद छात्रसंघ चुनाव और कोआपरेटिव चुनाव में भी भाजपा फिसड्डी रही। नेतृत्व की कमी का असर लगातार देखने को मिला और पार्टी सकलडीहा में कमजोर होती चली गई। बहरहाल आगामी चुनाव में कई जमीनी नेता टिकट के लिए अपनी दावेदारी कर चुके हैं। पाटी भी नए चेहरे को मौका देने के मूड में नजर आ रही है। ऐसे उम्मीदवार की तलाश है जो सपा के गढ़ मेें सेंध लगा दे और कमल खिला दे।

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