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चंदौलीचुनाव 2024राज्य/जिला

लोकसभा चुनाव : बसपा के टिकट का इंतजार, भाजपा-सपा के बीच कांटे की टक्कर के आसार

चंदौली। लोकसभा चुनाव के लिए चंदौली संसदीय सीट से भाजपा व सपा ने अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं, लेकिन बसपा ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। बसपा उम्मीदवार के मैदान में आने के बाद चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। ऐसे में सभी की नजर अब बसपा प्रत्याशी पर टिक गई है।

 

बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री व सांसद डा. महेंद्रनाथ पांडेय पर तीसरी बार भरोसा जताते हुए टिकट दिया है। वहीं सपा ने पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। दोनों पार्टियां चुनाव में मतदाताओं को अपने पाले में करने में जी-जान से जुट गई हैं। इसमें मतदाताओं का जातिगत समीकरण बड़ा रोल अदा कर सकता है। मतदाताओं के आंकड़ों की बात करें तो चंदौली लोकसभा में 17 लाख से अधिक मतदाता हैं। इसमें सर्वाधिक चार लाख वोट अनुसूचित जातियों का है। इसके बाद ब्राह्मण व यादव मतदाताओं की संख्या लगभग ढाई-ढाई लाख के आसपास हैं। वहीं दो लाख के आसपास राजपूत, एक लाख से अधिक मुसलमान और एक लाख के आसपास कुर्मी मतदाता हैं। इसके अलावा बिंद, बियार, कुम्हार, लोहार, कहार, गोड़, राजभर और बनिया मतदाताओं की संख्या एक लाख से 1.20 लाख के आसपास है। हाल के दिनों में पूर्वांचल में हुए घटनाक्रम की वजह से इस बार राजपूत मतदाताओं के बीजेपी से नाराज होने की बात सामने आ रही है। एंटी इनकंबेंसी भी एक बड़ा फैक्टर है। विपक्षी दल इस बार लोकसभा चुनाव में इसका फायदा उठाने की जुगत में लगे हैं। हालांकि जातिगत समीकरण बीजेपी के पक्ष में हैं। वहीं सपा ने इस बार पिछड़े की बजाय राजपूत प्रत्याशी को मैदान में उतारा है, ताकि राजपूतों की नाराजगी का लाभ चुनाव में मिले।  लेकिन पार्टी प्रत्याशी को भितरघात का डर भी सता रहा है। कुछ नेता पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ मुखर हैं । बहरहाल  बीएसपी प्रत्याशी के मैदान में आने से बाद राजनीतिक समीकरण और चुनावी माहौल बदल सकता है।

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