
चंदौली। नौगढ़-मंगरही मार्ग पर घने जंगल के बीच अचानक सड़क पर आई नीलगाय से बाइक टकरा गई। हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद जंगल में मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने के कारण घायल पत्नी करीब डेढ़ से दो घंटे तक मदद के लिए भटकती रही। सुनसान रास्ते और अंधेरे के बीच वह न तो पुलिस को फोन कर सकी और न ही एंबुलेंस बुला पाई। बाद में राहगीरों की मदद से परिजनों को सूचना मिली और दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया।
बबुरी थाना क्षेत्र के औड़ारी गांव निवासी मुलायम यादव (32) अपनी पत्नी बबीता के साथ बाइक से मंगरही की ओर से घर लौट रहे था। नौगढ़-मंगरही मार्ग पर घने जंगल के बीच शाम के धुंधलके में अचानक एक नीलगाय सड़क पर आ गई। मुलायम कुछ समझ पाता, इससे पहले ही बाइक नीलगाय से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार पति-पत्नी सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मुलायम के सिर और सीने में गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही बेसुध हो गया।
डेढ़ घंटे तक मदद के लिए भटकती रही घायल पत्नी
हादसे के बाद घायल बबीता ने किसी तरह खुद को संभाला और पति को उठाने का प्रयास किया। पति की हालत देखकर उसने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना देने के लिए मोबाइल निकाला, मगर जंगल क्षेत्र में नेटवर्क नहीं होने के कारण कॉल नहीं लग सकी। घायल होने के बावजूद वह काफी देर तक सड़क पर मदद के लिए भटकती रही। करीब डेढ़ से दो घंटे बाद वहां से गुजर रहे कुछ राहगीरों की नजर घायल दंपती पर पड़ी। उन्होंने परिजनों को सूचना दी। जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), नौगढ़ ले गए। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मुलायम यादव को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल बबीता का प्राथमिक उपचार किया गया।
दो मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
हादसे की सूचना पर चकरघट्टा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मुलायम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के दो छोटे बच्चे हैं। युवक की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, पति को खोने के बाद बबीता का रो-रोकर बुरा हाल है। औड़ारी गांव में घटना के बाद मातम पसरा हुआ है।
नीलगायों और मोबाइल नेटवर्क की समस्या से बढ़ रही परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार, नौगढ़-मंगरही मार्ग घने जंगल से होकर गुजरता है। इस क्षेत्र में नीलगायों समेत जंगली जानवरों के अचानक सड़क पर आ जाने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण हादसे के बाद समय पर पुलिस, एंबुलेंस या अन्य मदद बुलाना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने संबंधित विभागों और प्रशासन से मार्ग पर जंगली जानवरों से बचाव के उपाय करने तथा जंगल क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।

