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Varanasi News : मणिकर्णिका जाते समय पुलिस ने चंदौली सांसद को रोका, सड़क पर बैठे सपाई, सियासत गरमाई

वाराणसी/चंदौली। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आदेश पर मणिकर्णिका जा रहे चंदौली सांसद विरेंद्र सिंह को पुलिस ने रविवार को उनके घर के पास ही रोक दिया। सांसद व सपा नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इससे तनाव बढ़ गया। सपाइयों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर कमिश्नरेट पुलिस अलर्ट रही।

 

मणिकर्णिका घाट पर अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा तोड़े जाने के कथित आरोपों के बाद हकीकत जानने के लिए अखिलेश के आदेश पर समाजवादी पार्टी का 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रविवार को मणिकर्णिका घाट जाने वाला था। सपा नेताओं को मौके की पड़ताल कर राष्ट्रीय अध्यक्ष को इसकी रिपोर्ट देनी थी। प्रतिनिधिमंडल में चंदौली सांसद विरेंद्र सिंह, बलिया से सपा सांसद सनातन पांडेय, एमएलसी आशुतोष सिन्हा समेत अन्य जनप्रतिनिधियों व पार्टी नेताओं को शामिल किया गया था।

सपाइयों के मणिकर्णिका जाने के कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस पहले से ही एक्शन में रही। आधी रात को ही कई सपा नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। वहीं रविवार की दोपहर अर्दली बाजार स्थित आवास से मणिकर्णिका जाते समय चंदौली से सपा सांसद को पुलिस ने टैगोर गार्डन के पास रोक दिया। मौके पर पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में तैनात भारी पुलिस फोर्स ने सांसद, पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को आगे नहीं जाने दिया। इससे तनाव की स्थिति पैदा हो गई। सपा नेताओं ने प्रशासन के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई।

 

सांसद ने कहा कि हमसभी प्रशासन और पुलिस का पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं। मात्र 6 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल ही मणिकर्णिका जाएगा। हम लोग पहले सर्किट हाउस जा रहे थे, वहां से पुलिस हम लोगों को अपने साथ मणिकर्णिका ले चले। हम वहां चल रहे विकास कार्यों का विरोध करने नहीं, बल्कि अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा और मंदिर तोड़े जाने के आरोपों की हकीकत परखने जा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पता नहीं क्या छिपाना चाहती है। अहिल्याबाई होलकर गड़ेरिया समाज का नेतृत्व करती थी। इसलिए सरकार उनकी स्मृतियों को मिटाना चाहती है।

 

पुलिस का कहना रहा कि पहले केवल छह सदस्यों की टीम को मणिकार्णिका घाट जाने की अनुमति दी गई थी। हालांकि, सपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी द्वारा दिए गए बयान के बाद स्थिति बदल गई और एहतियातन कार्यक्रम की अनुमति को स्थगित कर दिया गया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए यह कदम उठाने की बात कही है।

 

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