
चंदौली। उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत चंदौली पुलिस को एक और पुराने मुकदमे में सफलता मिली है। वैज्ञानिक विवेचना, ठोस साक्ष्य संकलन और लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने वर्ष 2001 में दर्ज मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को जेल में बिताई गई अवधि के कारावास के साथ अर्थदंड से दंडित किया। इस कार्रवाई को पुलिस की सतत मॉनिटरिंग और प्रभावी न्यायिक प्रक्रिया का परिणाम माना जा रहा है, जिससे अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश देने का प्रयास किया गया है।
न्यायालय पीठासीन अधिकारी यज्ञेश कुमार सोनकर (अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन/न्यायिक मजिस्ट्रेट चकिया) ने आरोपी रामध्यान विन्द पुत्र लालू निवासी मसोई, थाना कैमूर भभुआ (बिहार) को जेल में बिताई गई अवधि व टीआरसी तथा 1500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर सात दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला 31 मई 2001 को थाना नौगढ़ में अपराध संख्या 39/2001 के तहत गोवध निवारण अधिनियम व पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धाराओं में दर्ज किया गया था। मामले में मॉनिटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक मुकेश तिवारी, एपीओ विजेयता सिंह तथा थाना नौगढ़ के पैरोकार कांस्टेबल रामनरायण की प्रभावी पैरवी और साक्षियों के साक्ष्य के आधार पर 16 मार्च 2026 को न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

